रांची। झारखंड की राजधानी में पिछले 13 दिनों से छात्र आंदोलन (Ranchi JPSC JSSC Protest) कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा रद की जाए और परीक्षा में कथित धांधली की जांच सीबीआई या हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जाए।

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के विधायक निर्मल महतो ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। निर्मल महतो ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।

उन्होंने साफ कहा कि परीक्षाएं सीधे तौर पर राज्यपाल और राष्ट्रपति शासन प्रशासन की देखरेख में आयोजित की जानी चाहिए। अन्यथा, छात्रों को किसी पर भरोसा नहीं रहेगा।

‘सरकार मानसून सत्र में दे रही डिस्काउंट’

आजसू विधायक ने आगे कहा कि झारखंड में व्यवस्था पर से पूरी तरह से विश्वास उठ चुकी है। मानसून सत्र चलने के बावजूद यहां एक “रेट चार्ट” खुले ऑफर की तरह काम कर रहा है। शायद सरकार इस मानसून सत्र के दौरान डिस्काउंट भी दे रही है।

बता दें कि जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा विधायकों ने भी राज्य विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का सपोर्ट

झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि वह रांची में आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में खड़ी है और जोर देकर कहा कि उन्हें न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

झारखंड के कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य के पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।

राजू ने एक्स पर लिखा, “हमने प्रदर्शनकारी छात्रों से परामर्श करने और ठोस समाधान की सिफारिश करने के लिए एक मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने के उनके सहानुभूतिपूर्ण व सकारात्मक कदम के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड में कांग्रेस रांची में न्याय के लिए आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में दृढ़ता से खड़ी है।

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