एजेंसियां— दुबई, 2027 वनडे वल्र्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर आईसीसी और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। दोनों बोर्ड ने आईसीसी पर फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कम समय में किए गए बदलावों से इंटरनेशनल क्रिकेट की विश्वसनीयता और निष्पक्षता कमजोर हो सकती है। वनडे वल्र्ड कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। आईसीसी ने टूर्नामेंट के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट मंजूर किया है। पहले स्टेज में रैंकिंग की 12वीं, 13वीं और 14वीं टीमों के बीच सुपर सीरीज होगी। इनमें से सिर्फ एक टीम अगले चरण में पहुंचेगी। इसके बाद 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें अगले स्टेज में जाएंगी। चौथे स्थान पर रहने वाली दोनों टीमों में से बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम भी अगले राउंड में पहुंचेगी।
इस तरह कुल सात टीमें सुपर-7 राउंड खेलेंगी। सुपर-7 में सभी सात टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। इसके बाद टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल जीतने वाली दो टीमें फाइनल खेलेंगी। नए फॉर्मेट का असर स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स जैसी एसोसिएट टीमों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है। दोनों बोर्ड के मुताबिक, ऐसी टीमों को मुख्य वल्र्ड कप तक पहुंचने के लिए कई स्टेज से गुजरना होगा। एसोसिएट टीमों को पहले वल्र्ड कप क्वॉलिफायर खेलना होगा। इसके बाद जरूरत पडऩे पर तीन टीमों की सुपर सीरीज। फिर 12 टीमों वाले मुख्य ग्रुप स्टेज में जगह बनाने की चुनौती। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने कहा कि टूर्नामेंट का ढांचा कम समय में बदलने से उन्हें मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। लंबे समय की प्लानिंग प्रभावित होगी। इसके अलावा सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे क्रिकेट बोर्डों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और वित्तीय दबाव पड़ेगा।



















