रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक के साथ विवाद में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को अपना मध्यस्थ बनाया है। बैंक रूस की सैन्य कार्रवाई से हुए नुकसान की भरपाई मांग रहा है। विवाद में तीन मध्यस्थ हैं और दावे की रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर बताई जा रही है। रिपोर्ट में जानिए पूरा मामला-
रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के एक सरकारी बैंक के साथ चल रहे विवाद में अपना मध्यस्थ बनाया है।
मामला क्या है?
यूक्रेन का सरकारी बैंक ओशचादबैंक रूस से पैसे के नुकसान की भरपाई मांग रहा है। बैंक का कहना है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण यूक्रेन के कुछ इलाकों में उसकी संपत्ति और कारोबार को नुकसान हुआ। इन इलाकों में डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसन और जापोरिज्जिया शामिल हैं।
बैंक ने इस मामले को लेकर रूस के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। इसमें दोनों पक्षों के बीच विवाद का फैसला कराने के लिए तीन लोगों की एक टीम बनाई गई है।
चंद्रचूड़ की भूमिका क्या होगी?
रूस ने इस तीन सदस्यीय टीम में अपने पक्ष से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चुना है। यानी वह इस मामले में रूस की ओर से नियुक्त मध्यस्थ होंगे। तीन सदस्यों वाली इस टीम की अध्यक्षता कोस्टा रिका की ड्याला जिमेनेज करेंगी। उन्हें रूस और यूक्रेन के बैंक, दोनों ने मिलकर चुना है। तीसरे सदस्य ग्रीस के स्तावरोस ब्रेकौलाकिस हैं। उन्हें यूक्रेन के ओशचादबैंक ने चुना है।



















