हैदराबाद: संसद के मॉनसून सत्र के बीच पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार को राम मंदिर चंदा चोरी, छात्रों पर लाठीचार्ज के साथ इथेनॉल के मुद्दे विपक्ष के हमलों का सामना करना पड़ा है। इस सब के बीच दक्षिणी राज्य तेलंगना से आने वाले बीजेपी के लोकसभा सदस्य कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने E20 पेट्रोल को लेकर मचे घमासान पर ऐसा वीडियो बनाया है जिन्हें बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को न सिर्फ खुश कर दिया है बल्कि कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी सुर्खियों में आ गए हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है किए सांसद क्यों मंत्रिमंडल में नहीं है। जो काम हरदीप सिंह पुरी और नितिन गडकरी नहीं कर पाए वह कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने एक वीडियो में कर दिया।
लाइव प्रैक्टिकल वीडियो बनाया
तेलंगाना के चेवल्ला से बीजेपी सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने अपने वीडियो में पेट्रोल और इथेनॉल (E20) का एक लाइव प्रैक्टिकल टेस्ट किया है। उन्होंने दोनों को जलाकर दिखाया कि पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल कम प्रदूषण फैलाता है और यह पर्यावरण व किसानों के लिए अधिक फायदेमंद है। सांसद ने दो अलग-अलग बर्तनों में पेट्रोल और इथेनॉल रखकर उनमें आग लगाई। उन्होंने दिखाया कि जलने के बाद पेट्रोल ज्यादा कार्बन और धुआं छोड़ता है, जबकि इथेनॉल काफी कम प्रदूषण उत्पन्न करता है। इथेनॉल देश के किसानों की फसलों से तैयार होता है, जबकि पेट्रोल के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है। सूत्रों का दावा है बीजेपी के सांसद का 3 मिनट 47 सेकंड का वीडियो शीर्ष स्तर पर पसंद किया गया है। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि अगर हर सांसद ऐसा करे तो विपक्ष के हर नैरेटिव को फेल किया जा सकता है।
कौन हैं कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी
कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS अब BRS) से की थी और 2014 में पहली बार 16वीं लोकसभा के सांसद चुने गए थे। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए और फिर बीजेपी का दामन थाम लिया, जिसके टिकट पर उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में चेवेल्ला सीट से जीत हासिल की थी। राजनीति में आने से पहले वह एक सफल इंजीनियर और व्यवसायी रहे हैं। उन्होंने अमेरिका से शिक्षा प्राप्त की है और वह भारत के एकमात्र ऐसे सांसद रह चुके हैं जिनके नाम पर कई अमेरिकी पेटेंट और कॉपीराइट दर्ज हैं।
कोविड में बनाया था वेंटिलेटर
कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी के दादा, कोंडा वेंकट रंगा रेड्डी, आंध्र प्रदेश के पहले उपमुख्यमंत्री थे, और उन्हीं के नाम पर ‘रंगा रेड्डी’ जिले का नाम रखा गया है। उनके पिता कोंडा माधव रेड्डी आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश थे। उनका विवाह अपोलो हॉस्पिटल्स के संस्थापक डॉ. प्रताप सी. रेड्डी की बेटी और अपोलो ग्रुप की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी से हुआ है। उनके पास इनके पास 4500 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है। वो पॉलिटिशियन भी हैं कोविड के वक्त उन्होंने कम लागत वाला वेंटिलेटर भी बनाया।



















