नई दिल्ली | फुकेट-दिल्ली फ्लाइट की घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने पायलटों की ड्रग जांच तेज कर दी है। इसी जांच के दौरान दो और पायलटों की शुरुआती स्क्रीनिंग रिपोर्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ के संकेत मिले हैं। अब तक करीब 350 पायलटों की जांच हो चुकी है। हालांकि, दोनों पायलटों की रिपोर्ट को अभी सीधे तौर पर अंतिम पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं माना जा रहा है। आगे की जांच के बाद ही साफ होगा कि स्क्रीनिंग में मिले संकेत का कारण क्या है।
फुकेट फ्लाइट के बाद बढ़ी सख्ती
यह मामला 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 से जुड़ी घटना के बाद सामने आया। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था। इस दौरान ऑटोपायलट के डिस्कनेक्ट होने समेत कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई थीं। इस घटना की जांच अभी चल रही है। घटना के बाद फ्लाइट के कमांडर का ड्रग टेस्ट कराया गया था। उनकी शुरुआती जांच में मारिजुआना के संकेत मिले थे। बाद में दोबारा जांच में भी पॉजिटिव रिपोर्ट आने की बात सामने आई। इसके बाद पायलट को उड़ान से हटा दिया गया।
सभी पायलटों की हो रही जांच
फुकेट की घटना के बाद एयर इंडिया ग्रुप ने सभी पायलटों की ड्रग स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया। यह जांच 13 अगस्त से शुरू हुई है। इसमें एयर इंडिया के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट भी शामिल हैं।
एयर इंडिया ग्रुप में करीब 5,000 पायलट हैं। कंपनी की ओर से सभी पायलटों की जांच अनिवार्य की गई है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि कोई पायलट ऐसे नशीले पदार्थ या ऐसी दवा तो नहीं ले रहा, जिसकी विमान उड़ाने के दौरान अनुमति नहीं है। अब तक करीब 350 पायलटों की जांच हो चुकी है। इसी दौरान दो पायलटों की स्क्रीनिंग रिपोर्ट नॉन-नेगेटिव आई है।
नॉन-नेगेटिव का मतलब क्या है?
नॉन-नेगेटिव रिपोर्ट का मतलब यह नहीं है कि दोनों पायलटों को अंतिम रूप से ड्रग लेने का दोषी मान लिया गया है। यह शुरुआती स्क्रीनिंग का नतीजा है। ऐसे मामलों में सैंपल की आगे जांच की जाती है और उसके बाद ही अंतिम स्थिति साफ होती है। इसलिए फिलहाल दोनों मामलों में अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। आगे की कार्रवाई भी जांच पूरी होने के बाद ही तय की जाएगी। फुकेट फ्लाइट की घटना के बाद एयर इंडिया ने पायलटों की जांच को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब करीब 5,000 पायलटों की पूरी स्क्रीनिंग होने के बाद ही यह साफ होगा कि ऐसे और कितने मामले सामने आते हैं।



















