खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन में 29 वर्षीय निजी स्कूल शिक्षिका नीलोफर की मौत अब सवालों के घेरे में है। शनिवार को मौत के बाद दफनाए गए शव को रविवार को एसडीएम के निर्देश पर कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका के मायके पक्ष ने उसकी मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
नीलोफर के शव को कब्र से निकाला गया
खरगोन कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि एसडीएम के निर्देश पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रविवार को नीलोफर का शव कब्र से निकाला गया। इसके बाद जिला अस्पताल में चार डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
ससुराल पक्ष ने बताया था एसिड पीने का मामला
पुलिस के अनुसार, नीलोफर के ससुराल पक्ष का कहना है कि उसने कथित तौर पर एसिड पी लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे खरगोन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे इंदौर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, नीलोफर का बयान दर्ज नहीं हो सका था।
मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
नीलोफर के रिश्तेदारों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना, मारपीट और सिगरेट से जलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, नीलोफर के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उसे बेल्ट से पीटा जाता था और शरीर के प्राइवेट पार्ट समेत जांघ छाती पीठ पेट अलग-अलग हिस्सों पर सिगरेट से जलाया गया था।
डॉक्टर के बेटे से की थी दूसरी शादी
नीलोफर के मामा शेख मोहसिन मंसूर और भाई फरहान शेख ने पत्रकारों को बताया कि करीब नौ साल पहले नीलोफर ने खरगोन निवासी जाने माने डॉक्टर के लड़के नईम खान से दूसरी शादी की थी। रिश्तेदारों का आरोप है कि नईम पहले भी शादी कर चुका था और नीलोफर के परिवार को इस विवाह के बाद पहली शादी की जानकारी मिली। इसके बावजूद नीलोफर ने शादी जारी रखी। दंपती के सात और चार साल के दो बच्चे हैं।
‘जल्दबाजी में कराए दस्तखत और दफना दिया’
रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि नीलोफर की मौत की परिस्थितियों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। उनका दावा है कि उनसे जल्दबाजी में कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए और इसके बाद शव को दफना दिया गया। अब वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शव को इतनी जल्दी क्यों दफनाया गया। परिजनों ने आत्महत्या की संभावना से भी इनकार किया है। उनका कहना है कि नीलोफर निजी स्कूल में शिक्षिका थी और उनके अनुसार वह ऐसा कदम नहीं उठा सकती थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि शव को रविवार को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्र से निकाला गया और पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि नीलोफर की मां और भाई द्वारा एफिडेविट दिए जाने के बाद ही उसे दफनाया गया था।
फिलहाल मौत की वास्तविक वजह और शरीर पर कथित चोटों की स्थिति पोस्टमार्टम तथा फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



















