नई दिल्ली। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के बाद भारत ने भी नेपाल से सटे राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी है। इस बीच काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। दूतावास द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 हैं। एएनएआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत सरकार नेपाल को जल्द से जल्द राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रही है। वहीं, नेपाल से आने वाली नदियों का पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
यूपी के दो जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी के विकराल रूप पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि भगवान पशुपतिनाथ से सभी की सुरक्षा और कल्याण की प्रार्थना है। नेपाल में आई बाढ़ के कारण गंडक और नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर और उत्तर प्रदेश के महराजगंज व कुशीनगर जिलों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री से की बात
नेपाल में हो रही भारी तबाही के कारण बिहार में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर हालात की समीक्षा की। गृह मंत्री ने राज्य सरकार को संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। दूसरी ओर, नेपाल में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण गंडक नदी में पानी का बहाव बढ़ गया है, जिसके चलते बिहार सरकार ने कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी हाई अलर्ट पर
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात अपनी सभी टुकड़ियों को अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, एसएसबी की 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों (RRT) को तत्काल राहत और बचाव कार्य के लिए सक्रिय कर दिया गया है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
नेपाल की कोशी और नारायणी नदी घाटियों में जलस्तर बढ़ने के पूर्वानुमान को देखते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के घाघरा, करनाली और महाकाली नदी क्षेत्रों से सटे संवेदनशील जिलों में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।



















