चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में पर्सनल अटैक पॉलिटक्स के बीच में सीएम विजय घिर गए हैं। विजय थलापति ने विधानसभा में संबोधन के दौरान अपना हाथ जबड़े के पास ले गए थे। विपक्षी नेताओ का आरोप है कि सीएम ने ऐसा कर डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के साथ हुई उस घटना का मजाक उड़ाया जो 50 साल पहले हुई थी। आपातकाल में लाठीचार्ज पर स्टालिन का जबड़ा टूट गया था। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद विजय ने सफाई दी है लेकिन पर्सनल अटैक वाली पॉलिटिक्स के दौर में मामला शांत नहीं हो रहा है। गौरतलब हो कि उत्तर भारत की राजनीति में व्यक्तिगत अटैक अधिक होते आए हैं लेकिन तमिलनाडु में सुपरस्टार से सीएम बने विजय की ताजपोशी के बाद चीजें बदल रही है।
पिछली बार घिरे थे उदयनिधि
तमिलनाडु में पिछले महीने उदयनिधि स्टालिन ने जब डबल मीनिंग हमले से सीएम विजय पर तृषा कृष्णन के जरिए घेरा था तो इसकी उग्र प्रतिक्रिया हुई थी। टीवीके समर्थक भड़क गए थे। वे सड़कों पर उतर गए थे। डीएमके और टीवीके बीच टकराव हो गया था। स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद मामला सुलझा था, हालांकि उन्हें हाईकोर्ट से बेल मिली थी, लेकिन इससे पहले के कुछ घंटे नेता विपक्ष के लिए काफी मुश्किल भरे रहे थे। तृषा कृष्णन एपीसोड को छोड़ दें तो भी तमिलनाडु में पर्सनल अटैक जारी हैं।
विजय ने क्या सफाई दी?
विजय की टीवीके एक मुख्यमंत्री के हवाले से कहा है कि विधानसभा में मेरा वह इशारा अनजाने में हुआ था और जानबूझकर नहीं था। मेरा इरादा किसी की व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उदयनिधि स्टालिन से पहले डीएमके विधायक अनीता राधाकृष्णन ने 20 जून 2026 को एक जनसभा के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।



















