मध्य प्रदेश के उज्जैन में खड़े हनुमानजी के विस्थापन का मामला थमने का नाम ले रहा है। सराफा बाजार स्थित श्री खड़े हनुमान मंदिर को मार्ग चौड़ीकरण के दौरान यथास्थान रखने की मांग को लेकर बुधवार को कंठाल-छत्रीचौक मार्ग पर आस्था के साथ आक्रोश भी नजर आया। सुबह से ही भगवा ध्वज हाथों में लिए श्रद्धालुओं, समाज प्रमुखों, साधु-संतों, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते कंठाल से लेकर छत्रीचौक तक का मार्ग जनसमूह से भर गया।
चेहरों पर उत्तेजना, हाथों में भगवा ध्वज और बीच-बीच में गूंजते जय श्रीराम के जयघोष से माहौल गरमाता रहा। संतों के पहुंचने के बाद हनुमान शुरू हुई। मंच से संतों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि प्रतिमा हटानी है तो रात में नहीं, दिन में हटाकर दिखाएं। 15 से अधिक समाजों ने ज्ञापन सौंपे।
भगवा ध्वजों संग धूप में भी नहीं हिली भीड़
सुबह से कंठाल-छत्रीचौक मार्ग पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो कुछ ही देर में सड़क का बड़ा हिस्सा भगवा ध्वजों और श्रद्धालुओं से नजर आने लगा। हाथो में ध्वज लिए कार्यकर्ता और श्रद्धालु नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। तेज धूप के कारण कई लोगो के चेहरे पर थकान दिखाई दी, लेकिन इसके बावजूद भीड़ कार्यक्रम स्थल से हटने को तैयार नहीं थी। कंठाल से छत्रीचौक तक करीब सैकड़ों मीटर क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। धर्म सभा में उज्जैन, इंदौर, देवास, धार और नागदा सहित कई जिलों के से युवा और हिंदूवादी संगठन लोग डटे रहे। हनुमान चालीसा के पाठ के साथ जय श्रीराम के जयघोष गूंजते रहे। पुलिस और प्रशासन का अमला भी व्यवस्था संभालने के लिए तैनात रहा।
रात में नहीं, दिन में हटाएं प्रतिमा
धर्मसभा में संतों ने मंच से कहा कि श्री खड़े हनुमान सरकार को यथास्थान स्थापित रखने के लिए समाज हर स्तर पर साधर्ष करेगा। संतों कार्रवाई करनी है तो रात के अंधेरे में नहीं, दिन के उजाले में की जाए। महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने कहा कि कार्रवाई के दौरान हिंदुओं के सीने आपके सामने होगे और उन्होंने गोली खाने तक के लिए तैयार रहने की बात कही। वहीं सभा में यह भी कहा गया कि बुधवार को हजारों भक्त जुटे हैं और यदि मांग नहीं मानी गई तो अगली बार पांच हजार नहीं, बल्कि 50 हजार लोग जुटेंगे।
15 से अधिक समाजों ने सौंपे अलग-अलग ज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजों की ओर से अलग-अलग ज्ञापन सौपे गए। आयोजको के अनुसार 15 से अधिक समाजों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि मार्ग चौड़ीकरण के दौरान मंदिर के आसपास की संरचनाएं हटाई जा चुकी हैं, लेकिन प्रतिमा को अन्यत्र विस्थापित नहीं किया जाए। समाजजनों ने इसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग भी रखी। किसी एक समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। ज्ञापन सौपने के दौरान विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और संत मौजूद रहे।
समाज की मांग के साथ खड़े रहेंगे: विहिप
विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक राजेश आंजना ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से खड़े हनुमान मंदिर को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चाएं सामने की प्रतिमा आ रही है। उन्होंने कहा कि को कहीं और विस्थापित नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांग पर समाधान नहीं हुआ तो संतों के मार्गदर्शन में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मांग सीएम, संबंधित मंच तक पहुंचाएंगे : गर्ग
धर्मसभा के बाद सर्व समाज की ओर से एसडीएम एलेन गर्ग को ज्ञापन सौंपा गया। एसडीएम ने कहा कि बाबा महाकालेश्वर के नाम से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। लोगों की मांग को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री और संबंधित मंच तक पहुंचाया जाएगा। इस संबंध में जो भी निर्णय होगा, लोगों को अवगत कराया जाएगा। दूसरी ओर, सभा में मौजूद संतो और समाजजनों ने प्रतिमा को यथास्थान रखने की मांग दोहराते हुए इसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा।



















