निशानेबाज मनु भाकर एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भारत की ध्वजवाहक होंगी. भारत के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने इसकी जानकारी दी. भाकर ने परिस ओलंपिक में 2 कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा तह. वह आजाद भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक ओलंपिक में 2 मेडल जीते है. बता दें कि आधिकारिक ओपनिंग सेरेमनी से पहले हुई झंडा फहराने की सेरेमनी देरी से शुरू हुई थी, जिसके लिए आयोजकों को आलोचना का शिकार होना पड़ा.
दूसरे ध्वजवाहक पर भी आया अपडेट
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के दूसरे ध्याजवाहक के रूप में तजिंदर पाल सिंह तूर के नाम की घोषणा की. मनु भाकर और तजिंदर पाल अपने-अपने खेल के शानदार खिलाड़ी हैं और दोनों पदक जीतने के मजबूत दावेदार हैं.
मनु भाकर के बारे में
18 फरवरी, 2002 में जन्मीं मनु भाकर 24 साल की हैं. झझर से आने वाली मनु निशानेबाज हैं, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रचा था. वह एक ओलंपिक में 2 मेडल जीतने वाली स्वतंत्रत भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनी. उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था. इसके बाद 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में सरबजोत सिंह के साथ कांस्य जीता था.
दूसरे ध्वजवाहक शॉटपुटर तजिंदर पाल सिंह तूर की बात करें तो उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुषों की शॉटपुट स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था. वह इस प्रतियोगिता में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. जापान में हो रहे एशियन गेम्स में वह लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतना चाहेंगे.
झंडा फहराने की पारंपरिक सेरेमनी में विवाद!
ओपनिंग सेरेमनी से पहले शुक्रवार को हुई झंडा फहराने की सेरेमनी में देरी से विवाद बढ़ गया. ये मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में आने वाली टीमों के लिए आधिकारिक स्वागत कार्यक्रम होता है, जो देरी से शुरू हुई और फिर इसमें रुकावट आई. इवेंट में फैली अव्यवस्था से आयोजकों को आलोचना झेलनी पड़ी.
भारत के चार डिप्टी शेफ-डी-मिशन – ए शरत कमल, लिजो डेविड थोट्टन, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत – गार्डन पियर पर सेरेमनी के लिए मौजूद थे, जो एथलीटों के लिए कंटेनर-स्टाइल आवास के पास स्थित है. स्थानीय आयोजकों के एक बयान में कहा गया, “देरी के लिए हमें खेद है. एक टीम के साथ कुछ समस्या है. हम अगले 15 मिनट में इसे फिर से शुरू करने की कोशिश करेंगे.”
भारत समेत इस सेरेमनी में यमन, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीन, और तिमोर-लेस्ते की टीम शामिल थीं. ये 20 मिनट की देरी से शुरू हुई, लेकिन फिर रोक दी गई. आयोजकों ने इसके लिए कोई ठोस कारण नहीं बताया.



















