मुंबई: लोकसभा में नेता विपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेताओं के दिल्ली में मार्च पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शिंदे ने कहा कि दिल्ली में इंडिया गठबंधन के मार्च में विदेशी ताकतें शामिल थीं। यह देश को और सरकार को अस्थिर करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय साजिश है। देश की जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी जो देश और संविधान को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।
शिंदे ने क्या कहा?
एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मुंबई में कहा कि सोमवार को देश के इतिहास में एक काला दिन था। सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने और मैनिपुलेट करने की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। मैं राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के कृत्य के लिए उनसे माफी मांगने की मांग करता हूं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए क्योंकि यह भारतीय न्याय व्यवस्था पर हमला हुआ था। संविधान को कैसे खत्म किया जाए, यह डेमोक्रेसी का गला घोंटने का काम था? जो हम देख रहे हैं वह देश के लिए खतरनाक है। इसमें कई विदेशी ताकतें शामिल हैं। हमें शक है कि यह एक इंटरनेशनल साजिश का हिस्सा है।
देश को अस्थिर करने की कोशिश
एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे देश को अराजकता की ओर ले जाने का काम कर रहे हैं, यह देश के लिए खतरनाक है। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं। क्योंकि वे प्रधानमंत्री के सामने नहीं जीत सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश की आज़ादी को कमज़ोर करने का काम कर रहा है। विदेशी ताकतों के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष पर बोला हमला
विपक्ष द्वारा देश में आपातकाल जैसे हालत के आरोप पर पलटवार करते हुए शिंदे ने कहा कि अगर देश में इमरजेंसी होती, तो क्या आंदोलन सुप्रीम कोर्ट जाता? उन्हें पता है कि उनकी मांगें गलत हैं। उन्हें पता है कि उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, उन्होंने गलत मांगें की है। शिंदे ने कहा कि मोदी ने विपक्ष को बेरोजगार कर दिया, तो वे विरोध करने के अलावा और क्या कर सकते थे? बता दें कि सोमवार को दिल्ली में इंडिया गठबंधन ने मार्च निकाला था। मार्च में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसद एवं नेता शामिल थे। साथ ही कॉक्रोच जनता पार्टी के लोग ही शामिल थे।



















