उल्हासनगर: महाराष्ट्र के उल्हासनगर में सामाजिक कार्यकर्ता हरेश गजवानी की सरेआम हत्या के बाद सनसनी मच गई थी. पुरानी रंजिश में मामले में गजवानी की हत्या हुई है. हालांकि, पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए महज 2 घंटे में इस हत्याकांड में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गौरतलब है कि 2021 में हुए एक विवाद के बाद तड़ीपार आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर गजवानी की हत्या कर दी.
मृतक सामाजिक कार्यकर्ता गजवानी के खिलाफ भी हत्या के एक मामले समेत कुल 4 आपराधिक केस दर्ज थे. बुधवार रात उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के बाहर सामाजिक कार्यकर्ता हरेश गजवानी पर जानलेवा हमला किया गया था. उनपर दो राउंड फायरिंग की गई और धारदार हथियार से वार किया गया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई थी.
घटना के बाद विट्ठलवाड़ी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम अभिषेक सुब्रमण्यम नायडू, विजय पूरनसिंह उर्फ लेफ्टी और आलम अनवरउल्ला खान हैं.
हत्या का कारण पुरानी रंजिश
जांच में यह बात सामने आई है कि इस हत्या के पीछे साल 2021 का एक पुराना विवाद है. उस दौरान हरीश गजवानी पर अविनाश नायडू और उसके एक मित्र पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा था. उस हमले में अविनाश नायडू के दोस्त की मौत हो गई थी. उसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए अभिषेक नायडू ने विजय और आलम के साथ मिलकर हरेश गजवानी को मौत के घाट उतार दिया.
गजवानी के खिलाफ थे 4 केस दर्ज
जानकारी के मुताबिक, मृतक हरीश गजवानी एक सामाजिक कार्यकर्ता बताए जाते थे और यूट्यूबर भी थे. हालांकि, उसके खिलाफ भी हत्या के एक मामले सहित कुल 4 आपराधिक केस दर्ज थे. दूसरी तरफ, मामले से जुड़ा अविनाश नायडू एक तड़ीपार और रिकॉर्ड पर दर्ज अपराधी है, जिसके खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं. अन्य दो आरोपियों के आपराधिक इतिहास के बारे में फिलहाल पुलिस जानकारी जुटा रही है. विट्ठलवाड़ी पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.



















