मेरठ: यूपी के मेरठ जिले में दो चर्चित केस सौरभ राजपूत और अमित कश्यप हत्याकांड में फांसी की सजा पाए चारों आरोपियों को जेल के भीतर नियमावली के मुताबिक काम करने होंगे। इसके तहत काम की एक लंबी लिस्ट जेल प्रशासन ने चारों को थमा दी। उन्होंने अपनी मर्जी से काम चुन लिए हैं।
जेल प्रशासन की माने तो पति को सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी ने जेल में अलग-अलग काम चुने हैं। रविता ने बैग बनाने का काम चुना है, जबकि उसके प्रेमी अमरदीप ने रंगाई-पुताई का काम चुना है। दोनों को अब जरूरत के मुताबिक काम पर लगा दिया जाएगा। वहीं, सौरभ हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाली मुस्कान ने सिलाई करने का काम चुना था और उसके प्रेमी साहिल ने खेती का काम चुना था। मुस्कान और साहिल ने अपने काम शुरू कर दिए हैं।
वकीलों से मशविरा, हाईकोर्ट की पकड़ेंगे राह
वकीलों के मुताबिक, सभी दोषी जिला अदालत से मिली सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में तीस दिन के भीतर अपील कर सकते हैं। ऐसे में मुस्कान रस्तोगी- साहिल शुक्ला और रविता-अमनदीप के पास कानूनी राहत के लिए आगे अपील करने का विकल्प है। दोनों दोषी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं।

दोषियों ने जाहिर की हाईकोर्ट जाने की मंशा
जेल सूत्रों के मुताबिक, दोषियों ने जेल अफसरों से अपनी मंशा जाहिर कर दी है कि वह हाईकोर्ट में फांसी की सजा के खिलाफ अपील करना चाहते हैं। इसके लिए उनके वकील कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगे। वैसे भी नियम है कि फांसी के मामलों में सजा पर अमल से पहले हाईकोर्ट की पुष्टि आवश्यक होती है। ऐसे में सौरभ राजपूत हत्याकांड और अमित कश्यप हत्याकांड में सुनाए गए मृत्युदंड के आदेश की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट जाएगा, जहां डबल बेंच इस पर सुनवाई करेगी।



















