दशहरा 2026: देशभर में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत में अलग-अलग जगहों पर रावण पुतला जलाया जाता है। लेकिन दावा किया जाता है कि आज भी रावण का शव श्रीलंका में एक गुफा में रखा हुआ है।
दशहरा 2026: बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है दशहरा। भगवान श्रीराम ने दशहरा के दिन अंहकार से भरे लंकापति रावण का वध किया था। हिंदू धर्म में दशहरा यानी विजयादशमी का खास महत्व है। विजयादशमी के दिन जगह-जगह रावण का पुतला दहन किया जाता है। इस मौक पर हम रामायण से जुड़े कुछ रहस्यों और कहानियों के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है।
कहा जाता है कि श्रीलंका में रामायण और भगवान राम से जुड़े कई चिन्ह और सबूत अभी भी मौजूद हैं। श्रीलंका में स्थित स्थल भगवान श्रीराम और रावण से जुड़ी कई सच्चाई बयां करते हैं। नवरात्र समाप्त होने के बाद दशमी तिथि को दशहरा मनाया जाता है जिसे विजयदशमी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, दशमी के दिन ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था।
एक शोध के मुताबिक, श्रीलंका में 50 ऐसे स्थान हैं जिनसे रामायण का संबंध है। इस शोध में बताया गया है कि श्रीलंका में स्थित एक पहाड़ी में बनी गुफा में अभी भी रावण का शव सुरक्षित है। यह गुफा श्रीलंका के रैगला के घने जंगलों में स्थित है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम ने 10 हजार साल पहले रावण का वध किया था।
बताया जाता है कि रैगला के जंगलों में 8 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित गुफा में रावण का शव रखा हुआ है। रावण के शव को ममी बनाकर एक ताबूत के भीतर रखा गया है जिस पर एक खास तरह का लेप लगाया गया है। इसकी वजह से हजारों वर्षों से वो वैसा का वैसा ही दिखता है।
श्रीलंका के इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर ने यह शोध किया था। इस शोध के मुताबिक, जिस ताबूत में रावण का शव रखा गया है वो 18 फीट लंबा और 5 फीट चौड़ा है। यह भी कहा जाता है कि इस ताबूत के नीचे रावण का बेशकीमती खजाना है जिसकी रखवाली एक भयंकर नाग और कई खूंखार जानवर करते हैं।
मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने के बाद उसके शव को विभीषण को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया था। लेकिन विभीषण ने राजगद्दी संभालने की जल्दी में रावण का अंतिम संस्कार नहीं किया और शव वैसे ही छोड़ दिया।



















