कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए नया आदेश जारी किया है। सीएम शुभेंदु ने बुधवार को कहा कि सिर्फ सनातन धर्म के अनुयायियों को हुगली नदी में विसर्जन के दौरान दुर्गा प्रतिमा को छूने की अनुमति होगी। पीटीआई के मुताबिक, सीएम ने धार्मिक परंपराओं का पालन के निर्देश दिए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने विसर्जन के दौरान निगरानी के लिए 18 आईपीएस अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा
सीएम शुभेंदु अधिकारियों ने बुधवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा चिंताओं और विसर्जन अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नेशनल डिजास्टर रिजर्व फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद और नगर आयुक्त स्मिता पांडे के साथ कोलकाता के बाबूघाट में विसर्जन व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर को उन लोगों की पहचान रखने का निर्देश दिया गया है, जो हुगली में मूर्तियों के विसर्जन में शामिल होंगे। जो लोग सनातन धर्म का पालन करते हैं, सिर्फ वे ही मूर्तियों को छूएंगे। इसमें कोई सांप्रदायिक मामला नहीं है।
18 आईपीएस अफसरों की तैनाती
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि 24 अक्टूबर को विसर्जन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद पानी को साफ किया जाएगा। उन्होंने मूर्ति विसर्जन के दौरान देसी नावों के उपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने और वजन को संतुलित करने के उपाय जैसी सावधानियां बरतने के भी निर्देश दिए। पीटीआई के मुताबिक, विसर्जन के दौरान 18 आईपीएस अफसरों को 24 अक्टूबर तक कोलकाता और तीन पड़ोसी जिलों में ड्यूटी लगाई गई है। 12 अधिकारी कोलकाता में निगरानी करेंगे, जबकि 6 अफसर हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में तैनात रहेंगे। उनके साथ पुलिस, आपदा प्रबंधन दल, नागरिक प्राधिकरण, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को तैनात किया गया है।



















