नई दिल्ली. असम सरकार ने प्लेबैक सिंगर उषा मंगेशकर को पहले डॉ. भूपेन हजारिका नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित करने का फैसला किया है. 90 साल की उषा मंगेशकर को नई दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा. पीएम मोदी दिग्गज सिंगर को 29 नवंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ये पुरस्कार देंगे. पुरस्कार के तहत उषा मंगेशकर को 10 लाख रुपये का कैश प्राइज और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.
29 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित इवेंट के साथ डॉ. भूपेन हजारिका के 100वें जन्मदिन का जश्न भी मनाया जाएगा. असम में पिछले तीन साल से भूपेन हजारिका के 100वें जन्मदिन का जश्न मनाया जा रहा है. इस सम्मान समारोह के साथ इस जश्न का समापन होगा.
असम सीएम ने किया ऐलान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक यह राष्ट्रीय पुरस्कार हर तीन साल में दिया जाएगा. संगीत, कला और सिनेमा के क्षेत्र में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली हस्तियों को इसके लिए चुना जाएगा. इस सम्मान का उद्देश्य भूपेन हजारिका की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को आगे बढ़ाना है.
षा मंगेशकर के संगीत के सफर की बात करें तो दिग्गज गायिका ने मराठी, मणिपुरी, हिंदी, बंगाली, कन्नड़, नेपाली, भोजपुरी, गुजराती, ओडिया और असमी भाषा में गाने गाए हैं. वो चारों मंगेशकर बहनों में सबसे छोटी हैं. उषा मंगेशकर, दिवंगत गायिका लता मंगेशकर और आशा भोसले की छोटी बहन हैं. उन्हें संगीत परिवार से विरासत में मिला.
उषा मंगेशकर ने साल 1975 में आई फिल्म ‘जय संतोषी मां’ के गानों से अपने करियर की शुरुआत की. इस फिल्म में उनके भक्ति गीत को जबरदस्त रिस्पांस मिला था. उनकी आवाज को काफी पसंद किया गया था. वो मराठी फिल्म ‘पिंजरा’ के गाने ‘मुंगदा’ के लिए भी मशहूर हैं. उन्होंने कई भाषाओं की फिल्मों के गाने गाए हैं. उषा मंगेशकर ने दूरदर्शन का म्यूजिकल ड्रामा फूलवंती भी प्रोड्यूस किया था. अब डॉ. भूपेन हजारिका नेशनल अवॉर्ड उनके करियर में अहम मील का पत्थर साबित होगा.



















