रायपुर-बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान मुरासु का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 3 नवंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। धान कटाई और खरीदी की तैयारियों के बीच मौसम का यह बदला मिजाज किसानों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के दक्षिणी जिलों में इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा असर

बस्तर संभाग के पांच जिले

  • सुकमा
  • बीजापुर
  • दंतेवाड़ा
  • बस्तर
  • नारायणपुर

इन जिलों में तेज बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी बदलेगा मौसम

दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंडागांव, कांकेर, गरियाबंद, धमतरी, बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में भी बारिश की संभावना है। गरियाबंद में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात, 120 किमी की रफ्तार से चली हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान मुरासु ने 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर ओंगोल के आसपास दस्तक दी। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।

तट से टकराने के बाद तूफान के धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है, लेकिन इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ समेत आसपास के राज्यों में बना रह सकता है।

धान किसानों की बढ़ी चिंता, कटाई और फसल को नुकसान का खतरा

छत्तीसगढ़ में इस समय खरीफ फसल की कटाई और धान खरीदी की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में बेमौसम बारिश किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। खेतों में कटी हुई धान की फसल और खुले स्थानों पर रखी उपज के भीगने का खतरा है।

किसानों को सलाह है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम की स्थिति को देखते हुए कटाई एवं मड़ाई का काम करें। धान को खुले में रखने से बचें।

4 नवंबर को भी बारिश की संभावना

मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 नवंबर को भी बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गरियाबंद, धमतरी, बालोद और महासमुंद सहित कुछ अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 5 नवंबर से मौसम की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।

फिलहाल दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30