रायपुर। ग्रामीण क्षेत्र में लगभग अब खेती किसानी का काम पूरा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों को अब जीवनयापन करने के लिए काम की जरूरत पड़ रही है। केंद्र सरकार ग्रामीणों को गॉव में ही काम उपलब्ध हो जाए इसके लिए मनरेगा योजना बनाई है। जिसके माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल जाता है। मनरेगा के तहत वर्तमान समय में अनेक कार्य संपादित हो रहे है और पूर्व में भी हुए है, लेकिन उन कामों का पैसा अभी तक हितग्राहियों व संबंधित जिम्मेदारो को नहीं मिला है। बेमेतरा जिला पंचायत सभापति एवं प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी भाजपा किसान मोर्चा राहुल योगराज टिकरिहा ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बेमेतरा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पंचायत मंत्री टी. एस. सिंहदेव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मनरेगा मजदूरी एवं मटेरियल की भुगतान राशि प्रदान करने का निवेदन किया है। जिला पंचायत सभापति टिकरिहा ने ज्ञापन में लिखा है कि बेमेतरा जिला के अनेक गॉवो में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्य हुए है, इन विकास कार्यो में काम किए हुए मजदूरों का मजदूरी भुगतान अभी तक अप्राप्त है। मजदूरी नहीं मिलने से मजदूर भाई-बहनों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आगे उन्होंने लिखा है बेमेतरा जिला के बहुत से ग्राम पंचायत अभी कर्जे में चल रहे है। जिसका प्रमुख कारण मनरेगा के तहत मटेरियल डलवाना है। मनरेगा के तहत जो मटेरियल निर्माण कार्य में लगा है। उसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। भुगतान नहीं होने से व वित्त को भी अन्य कार्यो में खर्च करवा देने से सरपंच आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान है। सभापति टिकरिहा ने मुख्यमंत्री बघेल व पंचायत मंत्री सिंहदेव को ज्ञापन के माध्यम से मनरेगा के बचत मजदूरी राशि मजदूरों को व मटेरियल भुगतान की बचत राशि पंचायतों को जल्द प्रदान करने का निवेदन किया है। राहुल ने कहा कि प्रशासन द्वारा लगातार मौखिक आदेश से पंचायतों को कार्य करने दबाव बनाया जा रहा है, जिसमें मनरेगा व उनके पंचायत विकास हेतु आने वाली वित्त भी खर्च हो जा रहे है, इसके चलते ग्रामीण विकास में अवरोध हो रहा है। सभापति ने आरोप लगाया है राज्य सरकार की सभी योजनाएं केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी मनरेगा योजना को ही परिवर्तीत कर अपने सभी योजना के जैसे गौठान, नवीन पंचायत भवन, चबूतरा, नरवा योजना के स्टोप डेम व अन्य मटेरियल युक्त कार्यों में लगा रही है। केंद्र के मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब मजदूर वर्ग को रोजगार प्रदान करना है, किन्तु राज्य सरकार पंचायतों में मनरेगा का दुरुपयोग करते हुए गरीबों के अधिकार में कटौती कर उन पैसों को मटेरियल कार्य में प्रयोग कर रही है।
पंचायतों को कंगाल कर रही है राज्य सरकार की योजना, केंद्र की मनरेगा से संचालित है अधिकांश योजना-राहुल
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