छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का निर्वाचन 4 अप्रैल को होना है, जिसको संपन्न कराने समाज का निर्वाचन दल जुट गया। वहीं चुनाव प्रचार का दौर पूरे शबाब पर है। केन्द्रीय अध्यक्ष एवं राज प्रधान प्रत्याशीगण मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के भीतर जिस तरह से चुनाव को लेकर जो क्रियाकलाप देखा जा रहा है उसे देखकर ऐसा लगता है कि कहीं समाज प्रमुखों द्वारा ग्राम असौंदा चुनाव जैसा षडयंत्र तो नहीं रचा जा रहा है…? छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष का पिछला चुनाव ग्राम असौंदा में धनबल से जन जुटाओ के आधार पर हुआ था। इसमें करीब लाखों सामाजिक मतदाता गण एकत्रित हुए थे स्थिति यह हुई थी कि मतदान प्रक्रिया क्षेत्र में पांव रखने की जगह नहीं थी, ट्रैफिक जाम हो गया था फलस्वरूप मतदान का कार्य सही रूप से संपन्न नहीं हो पाया जिसके कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा और इसके बाद राजों के राजप्रधानों और ग्राम प्रमुख द्वारा मतदान कराया गया, जिसमें समाज का केन्द्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया था। अब वर्ष 2021 में संपन्न होने वाले चुनाव में भी असौंदा जैसी स्थिति निर्मित करने का षडयंत्र रचा जा रहा है, ऐसा मौजूदा हालात को देखकर लगता है। केन्द्रीय अध्यक्ष के प्रत्याशियों के द्वारा समाज के निर्वाचन कार्यप्रणाली में कुछ सुधार करवाने के लिए चुनाव अधिकारी को पत्र भी लिखा गया जिसमें सबसे पहले मतदान केन्द्रों की सूची उपलब्ध करवाने, मतदान का समय बढ़वाने, मतदाता अभिकर्ताओं को मतदान के दौरान बैठक व्यवस्था बनाने जैसे मांगें शामिल है। इस तरह से केन्द्रीय अध्यक्ष के प्रत्याशीगण समय-समय पर पूरी दमदारी के साथ अपनी बात रख रहे है, लेकिन इसका असर निर्वाचन अधिकारी पर नहीं हो रहा है और उनके द्वारा दो टूक में यह कहा जाता है कि निर्धारित की गई नियम एवं व्यवस्था के अनुसार संभव नहीं है। आपको बता दें कि कल छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रत्याशी चोवाराम वर्मा ने समाज के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर निवेदन किया कि छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का केन्द्रीय अध्यक्ष एवं 6 राज में राजप्रधान का निर्वाचन रविवार 4 अप्रैल को होना है सुनिश्चित है अत: निर्वाचन समस्त मतदान केन्द्रों की सूची उपलब्ध कराने की कृपा करेंगे। साथ ही मतदान का समय पर्याप्त प्रतीत नहीं होता है। समाज के बहुत स्वजातिगण काम से अनेक स्थान पर बाहर जाते हैं जो भोजन अवकाश पर दोपहर 2 बजे निकलते हैं इस बीच समय निकालकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। पत्र में आगे श्री वर्मा ने कहा है कि मतदान के समय और मतदान केन्द्रों की सूची उपलब्ध नहीं कराये जाने को लेकर समाजिक लोगों के बीच जनचर्चा का विषय बन गया है। अत: समाज हित में मतदान के लिए निर्धारित समय सीमा में सुबह 8 बजे शाम 4 बजे तक बढ़ोतरी किये जाने की कृपा करें। आपको बता दें कि केन्द्रीय अध्यक्ष प्रत्याशी चोवाराम वर्मा के अलावा ऐसे भी अन्य प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा भी है जो मतदान के समय और मतदान केन्द्रों की सूची की उपलब्धता को लेकर कई बार अपनी बात दोहरा चुके है। इसके अलावा केन्द्रीय अध्यक्ष प्रत्याशी उमाकांत वर्मा ने भी निर्वाचन व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने भी समाज के चुनाव अधिकारी को पत्र लिखा है जिसमें बूथ एजेंटों की नियुक्ति को लेकर बड़ी बात कही गई है। साथ ही मतदान केन्द्रों की सूची चयनित स्थल समेत जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
मतपत्रों की छपाई पर भी उठाये गये सवाल…
समाज के निर्वाचन दल द्वारा छपाये जा रहे मतपत्र को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं, समाजिक कामों में दिलचस्पी रखने वाले लोगों का कहना है कि मतपत्रों में भी कई प्रकार की गंभीर त्रुटियां देखी जा रही है। जानकारों का कहना है कि समाज के निर्वाचन दल के द्वारा प्रकाशित करवाने जा रहे मतपत्र में बुक क्रमांक…, सरल क्रमांक…, मतदान केन्द्र का नाम…, मतदाता का हस्ताक्षर…जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख नहीं किया गया है, जिसको लेकर भी सामाजिक लोगों क बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी इस्तीफा देने के मूड में
समाज के सहायक निर्वाचन अधिकारी इस्तीफा देने के मूड में है। नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर इस अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के क्रियान्वयन में कोई ठोस रणनीति नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया निर्वाचन अधिकारी तो केवल एक मोहरा है, जबकि परदे के पीछे से कोई और खेल खेल रहा है। इसके चलते वे इस्तीफा देने के मूड में है।
चुनाव रद्द करवाने या खास उम्मीदवार को जितवाने की रची जा रही साजिश
छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के चुनाव को रद्द करवाने की साजिश भी रची जा रही है या किसी खास उम्मीदवार को जितवाने के लिए साजिश रची जा रही है। लोगों के बीच यह चर्चा है कि समाज के कुछ माहिर खिलाड़ी चुनाव रद्द करवाने की पूरजोर कोशिश में है यदि चुनाव रद्द भी नहीं होता तो अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने के लिए कोई भी हद तक जा सकते है।
मतदान के दौरान गड़बड़ी की आशंका, उम्मीदवार सतर्क एवं सावधान…
मतदान के दौरान गड़बड़ी की आशंका केन्द्रीय अध्यक्ष के प्रत्याशियों द्वारा जताई जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए कुछ प्रत्याशियों द्वारा मतदान दिवस के दिन 4 अप्रैल को मतदान केन्द्रों में अपने एजेंटों की बैठक व्यवस्था निर्धारित करने की मांग भी की जा रही है ताकि मतदान पूरी तरह से पादर्शितापूर्ण हो। निर्वाचन अधिकारियों को सभी प्रत्याशियों की बैठक बुलानी चाहिये और उनसे यह पूछनी चाहिये कि आप निर्वाचन प्रक्रिया से संतुष्ट है या नहीं, अगर कुछ खामियां हो तो उसे समाज हित में दूर कर लिया जाना चाहिये। मतदान केन्द्रों में प्रत्याशियों को एजेंट बिठवाने की अनुमति नहीं मिलती है तो प्रत्याशीगण स्वयं मतदान प्रक्रिया के दौरान हर वस्तुस्थिति पर पैनी नजर रखेंगे।
केन्द्रीय अध्यक्ष के लिए 7 तो 6 राजप्रधान पद के लिए 21 प्रत्याशी चुनावी मैदान में
केन्द्रीय अध्यक्ष पद के लिए श्रीमती अनिता वर्मा, चोवाराम वर्मा, देहुती वर्मा, कृष्णकुमार वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सालिकराम वर्मा एवं उमाकांत वर्मा चुनाव मैदान में है। वहीं राजप्रधान पद के लिए धमधा राज से चंद्रशेखर परगनिहा, दुर्गाप्रसाद टिकरिहा, प्रेमलाल बबला वर्मा, पलारी से श्रीमती भुनेश्वरी वर्मा, श्रीमती दुर्गा वर्मा, श्रीमती परमेश्वरी वर्मा, बलौदाबाजार से-देवेश कुमार वर्मा, धर्मेन्द्र, लेखराम वर्मा, नरेन्द्र कश्यप, ज्ञानेशुप्रसन्न वर्मा, रायपुर राज से-जगेश्वर प्रसाद वर्मा, श्रीमती नर्मदा वर्मा, सुरेश कुमार वर्मा, तिल्दा राज से- बृजलाल वर्मा, जितेन्द्र कुमार वर्मा, ठाकुरराम वर्मा, दुर्ग राज से-श्रीमती अमिता वर्मा, श्रीमती दुलारी वर्मा, श्रीमती कांती वर्मा, श्रीमती मीना वर्मा चुनाव मैदान में है। इस तरह से समाज के भीतर चुनावी घमासान की शुरुआत हो चुकी है। आपको बता दें कि समाज के 6 राजप्रधान पद के लिए 21 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। वहीं केन्द्रीय अध्यक्ष के एक पद के लिए 7 प्रत्याशी अपना सपना संजोये हुए हैं।
छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज केन्द्रीय अध्यक्ष निर्वाचन : या तो हो जाये “असौंदा” जैसा हाल, या तो जीत जाये हमारा “पसंदीदा” उम्मीदवार…?
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