रायपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला शाखा रायपुर के जिलाध्यक्ष सुखीराम धृतलहरे व कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष गजेश यदु ने संयुक्त रुप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि फर्जी और अवैधानिक तरीके से प्रांताध्यक्ष का निर्वाचन प्रक्रिया वैधानिक प्रक्रिया से न कराकर बिलासपुर में आयोजित प्रांताध्यक्ष मनोनीत किया गया। छल व कपट पूर्ण जब भी बैठकें होती है कर्मचारी भवन रायपुर में (सेंट्रल बाडी) की बैठक आयोजित की जाती है। अवैधानिक तरीके से राजेन्द्र नगर बिलासपुर में फर्जी आमसभा आयोजित की गई आमसभा का मतलब छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के समस्त क्रियाशील सदस्य जिसे सूचना दिया जाना है कि आमसभा की बैठक की तारीख स्थान नाम व समय व एजेंडा रखकर प्रत्येक क्रियाशील सदस्यों को भेजा जाना होता है जिसका पालन किये बिना स्वयंभू नेता बनाते हुए प्रांताध्यक्ष फर्जी तरीके से व अवैधानिक रूप से मनोनयन कराया जिसके संबंध में रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, अंबिकापुर, गौरेला, पेंड्रा मरवाही, बलौदाबाजार, बालोद, दंतेवाड़ा, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, बालोद, मुंगेली जिले के अध्यक्ष व ब्लॉक तहसील अध्यक्ष पदाधिकारी व क्रियाशील सदस्यों को सूचित नहीं किया गया तथा धारा 27 के अंतर्गत 108 लोगों की जा सूची जारी की गई है उसे कार्यकारिणी पदाधिकारी की सूची में फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कर 27 फरवरी को प्रपत्र सूची जमा कर प्रमाणित प्रति में फर्जी तरीके से फम्र्स एवं संस्थाएं द्वारा प्रमाणी प्रतिलिपि प्रदान की गई है जो वैधानिकता के लिए प्रश्रचिन्ह है। संघ के कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष गजेश यदु ने आगे बताया कि जिस प्रकार पीआर कौशिक उप प्रांताध्यक्ष की हैसियत से आमसभा बुला सकता है तो उससे वरिष्ठ प्रांताध्यक्ष राजेन्द्र चंद्राकर धमतरी, गजेश यदु, अनंत सिन्हा, खेमनिधि नायक को क्यों बैठक में आहूत नहीं किया गया। इससे स्पष्ट होता है पीआर कौशिक द्वारा छल व कपटपूर्ण उक्त कार्य किया गया जो संगठन के लिए घोर निंदनीय है। संगठन विरोधी कृत्य के कारण चंद्रशेखर तिवारी को पूर्व में भी जिला शाखा रायपुर के प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जा चुका है। वर्तमान में भी जिला शाखा अध्यक्ष सुखीराम धृतलहरे द्वारा फर्जी आवेदन कर नगर निगम आयुक्त में कर्मचारी भवन प्रांगण में कमरेड नरेन्द्र सिंह चंद्राकर के आदमकद मूर्ति स्थापना के लिए चबूतरा निर्माण व कर्मचारी भवन के जीर्णोद्धार के लिए 4 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। जिसे रोकने का कुत्सित प्रयास किया गया तथा इस संबंध में जिलाध्यक्ष के द्वारा संज्ञान में लेते हुए संगठन विरोधी कृत्य के कारण संगठन के प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जा चुका है। दिनांक 5 मार्च 2021 को जो प्रमाणित सूची जारी किया गया प्रांताध्यक्ष मनोनयन व फर्जी एवं अवैधनिक है। जिलाध्यक्ष सुखीराम धृतलहरे ने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ का जिला शाखा भंग करने का अधिकारी फर्जी व अवैधानिक बिना निर्वाचन प्रक्रिया से बने प्रांताध्यक्ष नहीं कर सकता। इस रायपुर जिला के समस्त ब्लॉक तहसील तिल्दा, आरंग, अभनपुर, धरसींवा के साथी फर्जी प्रांताध्यक्ष से सतर्क रहे, उसके बहकावे में ना आये क्योकि निष्कासित व्यक्ति प्रांताध्यक्ष नहीं बन सकता न ही निर्वाचन में भाग ले सकता है। समस्त जिला कार्यकारिणी सुचारू रुप से संगठनात्मक कार्य संपन्न करते रहे। कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष ने प्रदेश के समस्त जिलाध्यक्ष व क्रियाशील सदस्यों को आव्हान किया है कि निष्कासित सदस्य से सावधान रहे एवं जिले में संगठन को मजबूत बनाये व इस प्रकार के अवैधानिक व्यक्ति से सतर्क रहे जो फर्जी आवेदन और फर्जी सूची पंजीयक फम्र्स एवं संस्थाएं में सूची फर्जी रूप से जमा कर फर्जी हस्ताक्षर कर उक्त अवैधानिक कृत्य किया गया है जो संगठन के ही नहीं विधी के विरुद्ध है इसके उपर कार्यवाही करने बाबत रिपोर्ट दर्ज किया जा चुका है। इससे पूरा साफ हो जायेगा कि बिना विधि पालन किये बिना छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ में प्रांताध्यक्ष नहीं बन सकता उसके लिए प्रजातंत्र तरीके से प्रत्यक्ष रुप से मतदान के जरिये विजयी होकर ही आयेगा अन्यथा फर्जी मनोनीत प्रांताध्यक्ष के लिए संगठन में जगह नहीं है। एक तरफ पीआर कौशिक द्वारा फर्जी रूप से अवैधानिक बैठक बुलाकर उक्त कृत्य किया गया कर्मचारी भवन में कर्मचारी संगठन का अभिलेख है जिसे हथियाने एवं व छेड़छाड़ के लिए 60 व्यक्ति को फर्जी तरीके से कर्मचारी भवन में प्रवेश कराकर डरा धमकाकर ताला लगा दिया गया वह यह भूल गया कि उक्त संगठन कामरेड नरेन्द्र सिंह चंद्राकर का ऐतिहासिक संगठन है। अवैधानिक एवं फर्जी व्यक्ति के लिए संगठन में कोई जगह नहीं है। दिनांक 8 नवंबर 2020 को प्रांतीय प्रबंध समिति की बैठक में स्वयं पीआर कौशिक, एसके द्विवेदी सहित अन्य जिलाध्यक्ष, कार्यकारिणी पदाधिकारी, जिला सदस्य उक्त बैठक में उपस्थित हुए जिसमें स्पष्ट तौर पर यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि 31 मार्च 2021 तक क्रियाशील सदस्यता कर प्रत्येक जिलाध्यक्ष, प्रांत शाखा में जमा करेंगे ताकि प्रांताध्यक्ष के निर्वाचन के लिए 30 अप्रैल तक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जा सके और निर्वाचन कार्य संपन्न कराया जा सके। इसके बावजूद पीआर कौशिक द्वारा अवैधानिक एवं फर्जी आमसभा का आयोजन करना संगठन के विधि के विरुद्ध है। यह सिफ पदलोलुपता ेके कारण उपरोक्त कृत्य किया गया है जो संगठन हित में नहीं है। दिनांक 2 अक्टूबर 2020 को रायपुर जिला की कार्यकारिणी, प्रांताध्यक्ष, संरक्षक एवं ब्लॉक, तहसील अध्यक्ष की उपस्थिति में जिला कार्यकारिणी सर्वसम्मति से बनाया गया जो प्रभावशील है, जिसे फर्जी प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी द्वारा भ्रामक प्रचार कर उक्त अवैधानिक कार्य करते हुए भंग करने का समाचार समाचार पत्र में प्रकाशित करवा कर गुमराह कराया जा रहा है इससे कोई भी भ्रमित ना होवे। प्रांताध्यक्ष मनोनयन अवैधानिक है एवं जिला शाखा रायपुर का अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी का मनोनयन किया जाता है तो वो भी फर्जी एवं अवैधानिक नियम विपरीत होगा। इसके लिए पंजीयक एवं फम्र्स संस्थाएं छत्तीसगढ़ में शिकायत की जा चुकी है।

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