स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन, सीतापुरा-जयपुर द्वारा मई में शुरू किए गए कोरोना केयर सेंटर में अब तक सैकड़ों मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन का यह कोरोना केयर सेंटर स्वास्थ्य कल्याण होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर योगेश्वरी गुप्ता, डीएमएलटी प्रिंसिपल डॉ महेश अरोड़ा, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर अंकित सिंह एवं नर्सिंग कॉलेज प्रिंसिपल सतीश अवस्थी के निर्देशन में कार्यरत किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत डॉक्टर दिनेश यादव, डॉक्टर मानसी शर्मा, पीजीआर एवं एचडीए उप सचिव डॉ वेणुगोपालन, डॉ रवि डॉ सुनीता, डॉ नेहा, ओजस्वी भारत आदि के द्वारा चिकित्सीय सेवाएं प्रदान की जा रही है।

स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप के चेयरमैन डॉ एसएस अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य कल्याण कोरोना केयर सेंटर संभवत राजस्थान का पहला ऐसा कोरोना केयर सेंटर है, जिसमें इंटीग्रेटेड अप्रोच के तहत हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अब तक देखा गया है कि इंटीग्रेटेड एप्रोच के तहत ठीक हुये मरीजों में किसी भी प्रकार के पोस्ट कोविड दुष्परिणाम देखने को नहीं मिले हैं। साथ ही भर्ती हॉस्पिटल में भर्ती रहें किसी भी मरीज को हाईफ्लो ऑक्सीजन या विशेष उपचार की जरूरत अब तक नहीं पड़ी है। होम्योपैथिक कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर योगेश्वरी गुप्ता ने बताया कि इनमें से कुछ मरीज ऐसे भी थे जिनका सिटी स्कोर 13 से 17 तक था, लेकिन इन मरीजों को इंटीग्रेटेड अप्रोच के तहत होम्योपैथी एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति इलाज मिलने की वजह से इन मरीजों में भी बिना किसी दुष्परिणाम के काफी अच्छी रिकवरी देखने को मिली हैं। होम्योपैथिक कॉलेज के पूर्व छात्र एवं वर्तमान होम्योपैथी डेवलपमेंट एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ दीपक मीणा ने बताया कि यदि राज्य सरकार द्वारा संचालित राजकीय अस्पतालों में भी इंटीग्रेटेड अप्रोच के तहत मरीजों को होम्योपैथी एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा दी जाये तो कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए यह काफी लाभदायक साबित होगा एवं मरीजों को पोस्ट कोविड-19 के दुष्परिणाम ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस आदि से बचाकर इस महामारी के प्रकोप को कम किया जा सकता है।



















