अमलेश्वर। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के दिन पर्यावरण मित्र समिति ने विगत पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी अलग-अलग जगहों पर पौधारोपण कर हरियाली बिखेरने की प्रयास किया। अमलेशवरडीह में श्री सेवा गार्डन के निर्माणाधीन परिसर में आम, बादाम, चीकू, जामुन, नींबू, अशोक, विद्यापति जैसे अनेक प्रकार के पौधे का रोपण किया गया। पौधारोपण के साथ ही समिति के वरिष्ठ सदस्यों के द्वारा प्रकृति संरक्षण को और बेहतर तरीकों से संवारने के लिए अपने-अपने विचार रखें। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरण मित्र समिति के मार्गदर्शक सदस्य परसराम साहू (शिक्षक)ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हमें न सिर्फ़ पर्यावरण दिवस के दिन ही पौधा लगाना चाहिए बल्कि हमें यह पौधा रोपण का कार्य को नित्य करते ही रहना चाहिए और हमें उसका अच्छे से ध्यान देकर संरक्षण भी करना चाहिए जिससे हमारे द्वारा लगाए गए वह छोटा पौधा आगे चलकर वृक्ष बनकर हमारे पर्यावरण चक्र को साफ स्वच्छ रखते हुए शुद्ध आक्सीजन ज्यादा से ज्यादा दे सके और हम सब स्वस्थ रह सके। समिति के वरिष्ठ सलाहकार ललित बिजौरा ने वर्तमान कोरोना काल जैसे भयावह परिवेश में जो हमारे देश और प्रदेश में चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की कमी से मौत हुए, उनके परिजनों के प्रति भी अपना संवेदना व्यक्त करते हुए प्राकृतिक रूप से ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पौधे का रोपण कर हमें अपने आस पास पौधे रोपण कर संरक्षण पर जोर दिया। समिति के वरिष्ठ सदस्य कौशल वर्मा ने अपना विचार रखते हुए कहा कि हमें प्रकृति से ज्यादा छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए बल्कि हमें प्रकृति से तालमेल बिठाते हुए अपना जो जरूरी काम या आवश्यकता है उसको पूरा की जानी चाहिए न कि हमे प्रकृति का अंधाधुंध दोहन नही करना चाहिए अन्यथा हमे आगे चलकर उसका भारी हानि उठाकर उसका बदला चुकाना होता हैं। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण कर उसका संरक्षण किया जाने पर प्रकाश डाला।

पर्यावरण मित्र समिति के अध्यक्ष डॉ अश्वनी साहू ने कहा कि अंचल में छत्तीसगढ़ पर्यावरण समिति अपने आस-पास के सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, खाली जगह मैदानों में तालाब पार में पौधारोपण करने के साथ ही लोगों को अपने जन्मदिन, विवाह समारोह, शादी सालगिरह में पौधारोपण करने के साथ ही अपने प्रिय जन के शोक कार्यक्रम में भी उनकी स्मृति को बनाए रखने के लिए संजोए रखने के लिए उसके याद में पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित करते आ रहे, और पौधे भी लगवा रहे हैं। उन्होने बताया कि इस प्रकार समिति अभी तक अलग-अलग जगहों पर लगभग 6,000 पौधों का रोपण कर उसको बड़े वृक्षो के रूप मे बढा चुके हैं। इसी के साथ ही हजारों लोगों को भी निशुल्क पौधे तैयार कर उपहार स्वरूप भेंट किए जा चुके हैं। आगे उन्होंने कहा कि पौधा रोपण कर संरक्षण करने के साथ ही साथ हमें तेज बारिश व आँधी तूफान से गिरे हुए वृक्षो को नये सिरे से उनका संरक्षण करने पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई इसी कड़ी में समिति द्वारा पिछले बार आंधी तूफान से अपने गांव अमलेशवर डीह में गिरे हुए 20 फीट लंबी जामुन वृक्ष का रोपण नये सिरे से किया गया था ।उन्होंने शासन प्रशासन एवं पंचायत प्रतिनिधियों सरपंच को भी आने वाले दिनों में बरसात एवं तेज हवाओ से जो पौधे गिर जाते हैं उसका नए सिरे से रोपण के लिए जन जागरण चलाने का भी संकल्प दोहराया है। अमलेशवर डीह में पौधारोपण करने के बाद समिति के सदस्यों ने ग्राम मगर घटा में परसराम साहू के यहां भी उनके घर में आंगन परिसर में पौधारोपण किया जिसमें आम, नींबू, कटहल, जामुन, बदाम, रामफल, पाम एवं अन्य सुगंधित पौधे का रोपण किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी सेवाराम साहू, परसराम साहू एवं पर्यावरण मित्र समिति से समिति के अध्यक्ष डॉ. अश्वनी साहू, ललित बिजौरा, कौशल वर्मा, सोहन साहू, संतोष पटेल, गीता लाल साहू, प्रभु यादव, केतन (कुणाल)साहू, ननकी राम साहू, धर्मेंद्र सोनवानी, देव नारायण चन्द्राकर, संजू साहू, कोमल वर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


















