रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार 14/06/2021 को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि कोरोना महामारी से अपने माता-पिता या अभिभावक को खो चुके बच्चे, जो निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई का खर्च भी छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी। इस योजना का बलौदाबाजार जिला युवा कांग्रेस नेता हेमंत वर्मा ने स्वागत करते हुए इस संवेदनशील निर्णय को गरीबों और बेसहारों के हित में बताया है। युवा कांग्रेस नेता हेमंत वर्मा ने कहा कि अब निजी स्कूलों में अध्ययनरत ऐसे बच्चों को राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई महतारी दुलार योजना का लाभ मिलेगा जिन्होंने कोरोना संकट में अपने अभिभावकों को खो दिया है। प्राइवेट स्कूलों में पिछले एक साल से पढ़ रहे ऐसे बच्चे उसी निजी स्कूल में या स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में अपनी इच्छानुसार पढ़ सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा उनके स्कूल की फीस का वहन किया जाएगा।महतारी दुलार योजना के तहत छात्रों को कक्षा पहली से आठवीं तक 500 रुपए प्रति माह और कक्षा 9वीं से 12वीं तक 1,000 रुपए प्रति माह की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इस योजना की पात्रता शर्तों में ऐसे बच्चे जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हो गई हो को इसका लाभ मिलेगा। योजना के तहत पात्र पाए गए बच्चों को प्रदेश के शालाओं में नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे पात्र बच्चों को राज्य शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी तथा उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
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