एक शख्स ने अपनी पत्नी से दूर रहने के लिए जो तरकीब लगाई वह ज्यादा दिन नहीं चल सका और उसकी पोल खुल गई। इस शख्स ने अपनी कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाई और अपनी पत्नी को भेज दिया और पत्नी से कहा कि वह कोविड सेंटर में भर्ती है। प्लाईवुड कारोबारी के बेटे ने अपनी पत्नी से दूर रहने के लिए कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बना ली। उसने कोरोना की फर्जी पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार कर पत्नी को भेज दी और पत्नी से कह दिया कि वह कोविड सेंटर में भर्ती है। एक महीने से ज्यादा समय होने के बाद जब पति घर नहीं लौटा तो पत्नी को शक हुआ। पत्नी ने अपने पिता को रिपोर्ट की जांच के लिए कहा। पिता ने दामाद की रिपोर्ट की लैब से तहकीकात की तो पता चला कि रिपोर्ट ही फर्जी है। अब लैब ने कारोबारी के बेटे पर शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराई है। दरअसल, ये मामला महू के छोटी ग्वालटोली थाने के पास सेन्ट्रल लैब का है। पुलिस के मुताबिक फरवरी 2021 में प्लाईवुड कारोबारी के बेटे एजाज अहमद की शादी हुई थी। उसकी शारीरिक कमजोरी के कारण दोनों का वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण चल रहा है। इसी वजह से उसकी पत्नी से अनबन होने लगी तो वह पत्नी से दूर रहना चाह रहा था। इसके बाद एजाज अहमद ने 25 मई को एक फोटोशॉप एप डाउनलोड किया और इंदौर के सेंट्रल लैब के एक पीडि़त व्यक्ति की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट को अपने नाम से बदल कर परिवार को दिखा दी। इससे कोरोना पॉजिटिव मानकर पत्नी और परिवार वाले उससे दूर हो गए। एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया का कहना है कि जब एजाज की पत्नी को शक हुआ कि वह घर पर ठीक थे और कोरोना के कोई लक्षण भी नहीं थे। एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी एजाज घर नहीं लौटा। इसके बाद पत्नी ने अपने पिता को कोरोना रिपोर्ट की जांच करने को कहा। पिता ने तुरंत सेंट्रल लैब की वेबसाइट से उसका टोल फ्री नंबर तलाशा और लैब की एसआरएफ आईडी नंबर चेक कराया. लैब की तरफ से बताया कि कोविड रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ कर मरीज के नाम की जगह एजाज ने अपना नाम एडिट किया है. वहीं, रिपोर्ट की कॉपी आने पर सेंट्रल लैब की संचालिका विनीता कोठारी ने थाने में शुक्रवार को शिकायत की. इस पर पुलिस ने एजाज के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसकी तलाशी में जुट गई है.
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