रायपुर। छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज में चुनाव को लेकर चल रही खींचातानी अब खुलकर सामने आने लगी है। चुनाव को लेकर समाज दो गुटों में बंट चुका है। पहला गुट कोरोना का हवाला देकर चुनाव को चार माह के लिए टाल दिया है जबकि दूसरा गुट समाज के कार्यकारी अध्यक्ष पर समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया है और येन केन प्रकरेण चुनाव कराने की बात कही है। दूसरे गुट के सदस्यों ने एक तरह से कार्यकारी अध्यक्ष की मनमानी और असंवैधानिक कृत्यों को रोकने के उद्देश्य से रोका छेका अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक कल 11 जुलाई को राजधानी रायपुर में संयुक्त रुप से एक बैठक रखी गई है। जिसमें समाज के सभी केन्द्रीय अध्यक्ष प्रत्याशी एवं राजप्रधान प्रत्याशी शामिल होंगे। बताया जाता है कि इस बैठक में चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। बैठक का आयोजन करने वाले समाज के प्रत्याशियों ने बताया कि जब तक चुनाव नहीं हो जाता तब तक कार्यवाहक अध्यक्ष को रोकने व छेकने का काम करेंगे। छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज पंजीयन कमांक 2 6517 दिनांक 4-1-1995, द्वारा एक रजिस्टर्ड संस्था है जिसका विधान एवं आचार संहिता का वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा घोर उल्लंघन किया जाकर समाज को गुमराह किया जा रहा है। जिससे सामान्य सदस्यों के अधिकारों का हनन हो रहा है। खंड एक की धारा 5 खंड छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का अध्यक्ष महाधिवेशन में ही चुनकर आना चाहिए किंतु वर्तमान का कार्य अध्यक्ष द्वारा महा अधिवेशन में चतुराई पूर्वक पद पर बने रहने 13 मार्च को चुनाव करवाने जानकारी दी गई। महा अधिवेशन संपन्न होने के बाद 4 अप्रैल कर दिया गया। मतदान होने के ठीक 7 दिन पूर्व कलेक्टर रायपुर में आवेदन लगाकर चुनाव के लिए अनुमति मांगने का ढोंग रचकर समाज को गुमराह किया। सामाजिक इतिहास 1904 से आज तक समाज की बात को शासन प्रशासन एवं पुलिस तक नहीं ले गए थे। विधान की धारा 28 के तहत अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने पर उसके द्वारा गठित केंद्रीय कार्यकारिणी एवं पदाधिकारी स्वमेव ही विघटित हो जाता है, फिर भी वर्तमान का कार्यकारी अध्यक्ष सामाजिक कार्य कारिणी की बैठक आए दिन ले रहे हैं जिसे स्वयं के निवास में कुछ लोगों की उपस्थिति में कराया जा रहा है जो अपने आप में नियम विरुद्ध है। कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा वर्तमान में केंद्रीय अध्यक्ष प्रत्याशियों एवं राजप्रधान के प्रत्याशियों के साथ-साथ अन्य सामाजिक व्यक्तियों को प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया में दिए गए टिप्पणी को आधार बताकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है यह पूर्णता विवेकहीन है, उन्हें इस प्रकार का अधिकार नहीं बनता है। कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष एवं उसके द्वारा बनाया गया चुनाव अधिकारी अभी तक प्रत्याशियों को विश्वास में नहीं लिया गया है जो कि सर्वथा अनुचित है। वर्तमान में केवल चुनाव अधिकारी ही सामाजिक कार्यक्रम का संचालन कर सकता है। कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष स्वयं खुल्लम खुल्ला सामाजिक विधान एवं अचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं और उल्टा प्रत्याशियों को कद आचरण का दोषी मान का नोटिस जारी किया गया है जिसका उनको कोई अधिकार नहीं है। उपरोक्त नियम विरुद्ध कार्रवाई करने के संबंध में समाज के प्रबुद्ध वर्ग एवं समाज के चिंतनशील सामाजिक जनों को कल दिनांक 11 जुलाई को बुलाया गया है।
कुर्मी समाज के कार्यवाहक अध्यक्ष की मनमानी और असंवैधानिक कृत्यों को रोकने 11 से रोका छेका अभियान शुरू
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