नई दिल्ली। साल 2021 की 22 अगस्त को हिंदु धर्म के मुताबिक रक्षाबंधन का पर्व है। लेकिन ग्रहों के योग इतने खास हैं कि इस दिन रक्षाबंधन के साथ साथ श्रावण पूर्णिमा का त्योहार भी मनाया जाएगा। बता दें रक्षाबंधन के साथ-साथ कई उत्सव और मनाए जाते हैं। प्राचीन कालीन मे गुरुकुलों में शिक्षा का आरंभ इसी दिन हुआ करता था।विद्यार्थी उपनयन संस्कार के पश्चात गुरु के पास विद्या अध्ययन को जाते थे और इसी दिन खास इसलिए था क्योंकि विद्यारंभ संस्कार किया जाता था। इसी दिन गायत्री जयंती मनाई जाती है क्योंकि गायत्री मंत्र की दीक्षा के पश्चात विद्यारंभ आरंभ होता था। प्राचीन काल से ही यह श्रावणी अथवा उपाकर्म पर्व के नाम से जाना जाता है जो ऋषि परंपरा के अनुसार युगों से चला आ रहा है। इस दिन संस्कृत दिवस भी है। विभिन्न संस्कृत संस्थानों द्वारा संस्कृत के उत्थान के लिए कार्य किया जाता है। यह उत्सव ऋषि तर्पण के नाम से भी जाना जाता है। ऋषियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए यह ऋषि तर्पण बहुत ही महत्व रखता है। समाज में शिक्षा दीक्षा,अंक एवं अक्षर ज्ञान का आरंभ कराने वाले गुरु परंपरा में ऋषियों का बहुत बड़ा योगदान है।
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