रायगढ़ । जिले में संचालित लोक सेवा केंद्रों में फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। स्कूल कॉलेज में अद्ययनरत छात्र-छात्राओं के आवश्यक दस्तावेज के रूप में और सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यार्थियों को भी आय जाति निवास जैसे आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, आम लोगों की सुविधा के लिए इन दस्तावेजों की उप्लब्धता काफी सरल हो चुकी है। ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन देकर आम आदमी अपने आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर सकता है, जिसद्वा शुल्क भी निर्धारित है। परंतु आवेदन की जो सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन तरीके से संपन्न की जाती हैं, उसमें भी फर्जीवाड़ा कर ग्राहक सेवा केंद्र से प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जब तहसीलदार का फर्जी हस्ताक्षर कर आय प्रमाण पत्र जारी किया गया है। दरअसल जब इस प्रमाण पत्र का आवेदन प्राप्त हुआ और जब यह प्रमाण पत्र जारी किया गया, इस प्रमाण पत्र में तहसीलदार के जो हस्ताक्षर हैं वह तहसीलदार उस अवधि में पदस्थ थे ही नहीं। ऐसे में या बड़ा सवाल उठता है कि इतने बड़े गड़बड़झाला की जानकारी ई डिस्टिक मैनेजर को ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। यह सब सबंधित अधिकारी की मिलीभगत से ही किआ जा रहा है। इसके पूर्व में भी आय प्रमाणपत्र पर फर्जी हस्ताक्षर की बात सामने आई है, जिसमे स्वयं ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक फर्जी हस्ताक्षर कर आय प्रमाण पत्र जारी किया था। परन्तु तब शिकायतकर्ता के सामने नही आने से बात आई गई हो गई। जिले में हर दिन फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने का खेल न जाने कब से चल रहा है। बताना चाहेंगे कि ईडीएम अनुपेंद्र प्रधान के संरक्षण में जिले में कई ग्राहक सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे है जो उनके किसी न किसी चहेते अपने के नाम पर आबंटित है ऐसे में बेधड़क बेखौफ होकर रायगढ़ के कुछ ग्राहक सेवा केंद्र में तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर किए जा रहे है। बहरहाल मामले की पूरी जांच में ही इस बात का पता लग पाएगा कि अब तक रायगढ़ जिले से कितने लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं और इन प्रमाणपत्रों का कहां और क्या इस्तेमाल किया गया है।

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