मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ संयुक्त राज्य पेंशनर्स महासंघ के तत्वावधान में आगामी 5 दिसम्बर 21 रविवार को संस्कारधानी जबलपुर के मदनमहल रेलवे स्टेशन के निकट स्थित श्री राममंदिर सभागृह मे आयोजित महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनर्स भाग लेंगे। यह निर्णय गत दिनों पेन्शनर फेडरेशन के सम्पन्न रायपुर बैठक में लिया गया है। इस बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार फेडरेशन से जुड़े चार पेंशनर संगठनों क्रमश: छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान तथा भारतीय राज्य पेंशनर्स छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष जे पी मिश्रा के नेतृत्व में महासम्मेलन में भाग लेने छत्तीसगढ़ से रायपुर और बिलासपुर स्टेशन से पेंशनर दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस से जबलपुर रवाना होंगे। उक्त जानकारी जारी विज्ञप्ति मे पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने दी है। जारी विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश शासन की उपेक्षा से दोनों राज्य के पेंशनर एक समान पीडि़त हैं। दोनों ही सरकारें पेंशनरों की समस्याओं को दूर करने में नाकाम है और आपसी मिलीभगत कर पेंशनर्स के महंगाई राहत सहित सभी आर्थिक मामलों को मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 में उल्लेख छटवीं अनुसूची के प्रावधान को लेकर आपसी सहमति के बहाने जानबूझकर लटकाए हुए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 31 प्रतिशत महंगाई राहत के स्थान पर पेंशनरों को दोनों ही राज्य में केवल 12 महंगाई राहत देना अत्यंत पीड़ा दायक है। दोनों ही राज्यो में सेवारत कर्मचारियों से भी 5 से 8 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता देना वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों का घोर अपमान है जो अब बर्दास्त नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद छठवें वेतनमान के 32 माह राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं और सातवें वेतनमान के 27 माह के एरियर देने के मामले में भी चुप्पी साधे हुये है। पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया है कि दोनों ही राज्य सरकारों द्वारा पेंशनरो की उपेक्षा और आर्थिक मामलों को आपसी सहमति के नाम पर लटकाए रखने से दोनों ही राज्यों के पेंशनरों में भारी आक्रोश है। इस महासम्मेलन में मुख्य रूप से धारा 49 को हटाने की मांग एवं अन्य आर्थिक मांगो को लेकर दोनों राज्यों पेंशनर संगठनों की सहमति से एक ही तिथि पर एकसाथ एकजुट आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
मप्र-छग के सँयुक्त अधिवेशन में शामिल होने 4 दिसम्बर को रवाना होंगे छत्तीसगढ़ के पेंशनर्स
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