शिक्षक महाफेडरेशन शिक्षकों के हितों के लिए जमीनी संघर्ष में हरदम साथ खड़ा रहेगा-प्रणव मांडरिक

रायपुर। शिक्षक महाफेडरेशन ने सहायक शिक्षकों की लड़ाई के लिए दिल्ली जाकर प्रदर्शन करने से भी गुरेज नही करेगा। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश पाल ने कहा है कि सहायक शिक्षकों की मांगें जायज है, राज्य सरकार उनके भरोसे को न तोड़ें। शिक्षक (एलबी) के हितों के लिए आंदोलनरत शिक्षक फेडरेशन को छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन का नैतिक समर्थन विगत 6 दिसम्बर को ही मिल गया था। महाफेडरेशन के प्रांत प्रमुख राजेश पाल अभी चूंकि इलाज कराने चेन्नई गए हुए हैं, लिहाजा छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन महासचिव प्रणव मंडरिक की अगुवाई महाफेडरेशन राजधानी रायपुर धरनास्थल पहुंच कर आंदोलन में हिस्सा ले रहा है। महाफेडरेशन शिक्षकों के हितों के लिए जमीनी संघर्ष में हरदम साथ खड़ा रहेगा। आंदोलन में डटे जकेश साहू, ऋषि सर व धरम बंजारे ने महाफेडरेशन के नेताओ से कहा कि महाफेडरेशन का समर्थन मिलने से उन्हें मजबूती मिली है और हक न मिलने तक आरपार की लड़ाई जारी रहेगी। महाफेडरेशन के नेता प्रणव मंडरिक ने एक वक्तव्य में कहा है कि राज्य के एक लाख 10 हजार सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को सरकार गम्भीरता से लें। कड़कड़ाती ठंड में अपने परिवार के साथ धरना दे रहे शिक्षकों की पीड़ा को समझें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समाधान के बजाए केंद्र सरकार के पाले में गेंद डालने का प्रयास न करें। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन के नेताओ ने कहा कि कुछ लोगो को मात्र प्रमोशन दे देने से सहायक शिक्षको का भला नही होने वाला है। लिहाजा सरकार सहानुभूतिपूर्वक उनकी वेतन विसंगति दूर करें। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन के प्रांत प्रमुख राजेश पाल के चेन्नई से आते ही नई रणनीति के साथ आन्दोलन को बड़ा मुकाम दिया जाएगा। अभी भी छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन आंदोलन में पूर्ण सहभागिता निभा रहा है। महासचिव प्रणव मंडरिक, रितेश टिकरिहा, जलेश्वर साहू, रामकृष्ण देवांगन, ज्योति नेताम, अजय शर्मा, अभिषेक वर्मा, श्री देवांगन, ममता सूर्यवंशी आदि पदाधिकारियों ने कहा शिक्षकों के हितों से जुड़े मसलो की लड़ाई में महाफेडरेशन कभी पीछे नही हटेगा, जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक जाकर भी लड़ाई लड़ी जाएगी।


















