संसदीय समिति ने पेंशनर्स संघो की मांग को सही मानकर सिफारिश किया
पेंशनरों को 65 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद 5 प्रतिशत अधिक पेंशन मिलनी चाहिए साथ ही प्रत्येक 5 साल पूरा होने पर 5 प्रतिशत पेंशन में लगातार बढ़ोतरी करने की जरूरत पर बल दिया है, अर्थात 70 वर्ष की उम्र पर 10 प्रतिशत, 75 की उम्र पर 15 प्रतिशत, 80 की उम्र पर 20 प्रतिशत 85 साल की होने पर 25 प्रतिशत इस तरह हर 5 साल उम्र पूरा होने पर पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन देने पर बल दिया गया है। यह पेन्शनर हितैषी सिफारिश एक संसदीय समिति ने केंद्र सरकार से की है। उक्त जानकारी जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेन्द्र नामदेव ने दी है। जारी विज्ञप्ति में उन्होंने आगे बताया है कि अनेक केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय पेंशनर संगठनों द्वारा लगतार इस तरह की मांगे सरकार से की जा रही है। जिसे संसदीय समिति ने सही मानकर सरकार से सिफारिश की है।भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी एच सुरेश ने इसी तरह का प्रस्ताव का मांग पत्र केंद्रीय वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को दिया था। जिसमें प्रत्येक 5 वर्ष में 10 प्रतिशत पेंशन में बढ़ोतरी की मांगा की गई है। जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने संसदीय समिति के सिफारिश पर विस्तार से जानकारी देते हुए आगे बताया है कि संसदीय समिति ने पेंशनरों को समस्याओं का निदान निर्धारित 60 दिनों समयसीमा में निराकरण नही होने पर भी चिंता जाहिर किया है। उन्होंने पेंशन एवं पेंशन कल्याण विभाग भारत सरकार से कहा है कि वे समिति की सिफारिशों को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के समक्ष पुरजोर तरीके से रखें और परिमाण से संसदीय समिति को अवगत कराया जाना सुनिश्चित करें। नामदेव ने आगे बताया है कि वर्तमान व्यवस्था अनुसार अभी 80 की उम्र पर 20प्रशित अतिरिक्त पेंशन देने की शुरुआत होती है जो 85 पर 30 प्रतिशत,90पर 40प्रतिशत, 95 पर 50 प्रतिशत और 100 पर 100 प्रतिशत दी जाती है। इसे अब 65 साल की उम्र से अतिरिक्त पेंशन में बढ़ोतरी करने पर जोर देते हुए इस पर वित्त मंत्रालय से गम्भीरता से विचार करने को कहा है।



















