राजस्थान सरकार से सबक ले छत्तीसगढ़ राज्य सरकार
छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बेनर तले इन्द्रावती भवन, अटलनगर नया रायपुर में 4 मार्च को अभिनन्दन समारोह आयोजन किया गया।इस समारोह कर्मचारी जगत को उम्मीद था कि मुख्यमंत्री केन्द्र के बराबर 14% महंगाई भत्ते देने की घोषणा करेंगे। इसी भरोसे को लेकर पूरे प्रदेश से लगभग हर जिले से कर्मचारियों का दल पहुँचे हुये थे। परन्तु मुख्यमंत्री द्वारा अपने भाषण के अंत में महँगाई भत्ता पर अधिकारियों से चर्चा करने के बाद इस पर बहुत जल्दी निर्णय लेने की टालमटोल बात कहकर प्रदेश के कर्मचारी जगत को निराश कर दिया।इससे अभिनन्दन समारोह में उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनरों का सारा उत्साह काफूर हो गया।उक्त बातें जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेन्शनर फेडरेशन रायपुर के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कही है।
जारी विज्ञप्ति में आगे बताया गया गया है कि छत्तीसगढ़ देश में अकेला राज्य है जहाँ के कर्मचारी अधिकारी और पेंशनर सबसे कम मात्र 17% प्रतिशत महंगाई भत्ता ले रहे हैं। जबकि सभी कांग्रेस शासित- समर्थित राज्य क्रमशः राजस्थान, महाराष्ट्र,झारखंड के अलावा अन्य सभी राज्य भी केन्द्र द्वारा देय तिथि से ही 31% महँगाई राहत ले रहे है और अभी हाल ही में केन्द्र सरकार के द्वारा 3% महंगाई भत्ता देने के आदेश के बाद राजस्थान में कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 3% मंहगाई भत्ते का इजाफा करने के आदेश जारी करके देश के सभी अन्य राज्यों के समक्ष अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। छत्तीसगढ़ सरकार को राजस्थान सरकार से सबक लेने की जरूरत है।
जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव तथा फेडरेशन से जुड़े पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, पेन्शनर एसोसिएशन के गंगाप्रसाद साहू, प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के आर पी शर्मा एवं पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के जयप्रकाश मिश्रा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि वे तुरन्त केन्द्र के देय तिथि से एरियर सहित बकाया 17% प्रतिशत महंगाई भत्ता कर्मचारियों एवं पेंशनरों देने के आदेश प्रसारित कराए।



















