रायपुर। कहते है कि जब कोई किसी एक क्षेत्र में कड़ी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़े तो वह अपने लक्ष्य तक पहुंचता है। कुछ ऐसी ही बात है राजधानी रायपुर की प्रशंसा वर्मा में, जो अपनी कड़ी मेहनत और लगन से कला के क्षेत्र में अपना परचम लहराया है और लहरा रही है। आपको बता दें कि प्रसन्ना वर्मा का अमूर्त चित्रकारी, प्रकृति अध्ययन, लाइव और फिगर स्टडी, चित्र, तैल चित्र, भित्ति कला, मूर्ति, पेंसिल और ड्राइंग में अच्छी पकड़ है। लोग इनकी कला की तहेदिल से सराहना करते है। इस होनहार कलाकार प्रशंसा वर्मा का ओपी वर्मा एवं डॉ. रेखा वर्मा की सुपुत्री है जिनका जन्म 10 मार्च 1990 को हुआ। प्रशंसा का हिन्दी अंग्रेजी भाषा में अच्छी पकड़ है, साथ ही उनकी हॉबी पेंटिंग एवं गार्डनिंग है।


प्रशंसा वर्मा ने बताया कि एक सम्मानित संगठन में मेरी प्रौद्योगिकी और नेतृत्व कौशल का उपयोग करना चाहते हैं। अनुसंधान-उन्मुख क्षमताओं और उत्पाद विश्लेषण से अच्छी तरह वाकिफ हैं। टेक-सेवी और सहज संचार कौशल के साथ एक तेज़ सीखने वाला। ललित कला में मास्टर-इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय- आईकेएसविवि, खैरागढ़ (2020-2022), ललित कला स्नातक-68 प्रतिशत-इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय- आईकेएसविवि, खैरागढ़ (2012-2016), स्नातक की डिग्री इंजीनियरिंग- सीपीआई 7.21 (64.87प्रतिशत)- विंध्य प्रौद्योगिकी संस्थान-रायपुर (2008-2012) – इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार, 12वीं-60.17 प्रतिशत -होली क्रॉस स्कूल बायरन बाजार रायपुर (2008), 10 वीं: 54.4प्रतिशत -होली क्रॉस स्कूल बायरन बाजार रायपुर (2006)।
हर माध्यम पर काम करें-वॉटरकलर, ऑइल, एक्रेलिक, पेंसिल, क्रेयॉन, कंपोज़िशन वर्क, नेचर स्टडी, एस्थेटिक, हिस्ट्री ऑफ़ आर्ट, इलस्ट्रेशन, मिक्स्ड मीडिया वर्क और चारकोल। उन्होंने बताया कि ललित कला के क्षेत्र में अपनी पूरी यात्रा के दौरान मुझे 1000+ पेंटिंग के साथ खुद का प्रतिनिधित्व किया गया है, मेरे काम को विभिन्न स्तरों पर सराहना मिली है। जिसमें बीएफए, 7 सेम (2019) के दौरान प्रदर्शनी, कुर्मी समाज सभा (2019) के दौरान प्रदर्शनी शामिल है। टे्रनिंग सर्टिफिकेशन एवं सेमीनार अटेंडेड:-कला, डिजाइन और कला इतिहास के बारे में अपने ज्ञान और समझ को गहरा करते हुए छात्रों को रचनात्मक प्रक्रिया में शामिल करना, उनकी प्रतिभा को विकसित करना। डिज़ाइन किए गए स्कूल और सामुदायिक कला प्रतिष्ठान जिन्होंने रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा दिया और स्कूल के वातावरण को और अधिक व्यक्तिगत बनाया। सीखने के समय को अधिकतम करने और सकारात्मक कक्षा वातावरण बनाने के लिए प्रबंधित छात्र व्यवहार और कक्षा दिनचर्या। स्कूल के माहौल को विकसित करते हुए एक विश्व स्तरीय कला कार्यक्रम का निर्माण किया जो सौंदर्यशास्त्र को प्राथमिकता देता है। प्रशंसा वर्मा जैसी अद्भुत प्रतिभा से आज पूरा समाज, नगर और राज्य सहित पूरा देश गौरवान्वित हो रहा है।



















