ग्रामीण क्षेत्रों के हर पंचायतों में 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।दन्तेवाड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों के हर पंचायतों में 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। प्रत्येक जॉब कार्डधारी परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराएं। नरवा ट्रीटमेंट बहुत ही फायदेमंद स्कीम है एक नरवा ट्रीटमेंट से यदि 10 एकड़ में भी  सिंचाई होती है तो ऐसे में पूरे प्रदेश में लगभग 30 हजार नरवा का लक्ष्य रखा गया है जिससे काफी बड़े क्षेत्रफल में सिंचाई की व्यवस्था की जा सकेगी। उक्त बाते प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा, वाणिज्यकर मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने विकास गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान जिला कार्यालय के सभा कक्ष में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में 100 दिनों का काम अवश्य दिलाएं। उन्होंने पिछले 5 वर्षों की सामाजिक समावेशन लक्ष्य उपलब्ध्यिों की जानकारी ली। स्व-सहायता समूहों की सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सेदारी, गौठानों में आजीविका के साधन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, पशुपालन आदि गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल की। श्री सिंहदेव ने मनरेगा के तहत् पिछले 5 वर्षों के लक्ष्य और उपलब्धियों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत पिछले 5 वर्षों के लक्ष्य और उपलब्धि की समीक्षा के दौरान श्री सिंहदेव ने कहा कि निर्माण एजेंसी जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कार्यों को गति प्रदान करें। बैठक में व्यक्तिगत, परिवारिक शौचालय निर्माण एवं उपयोग, सामुदायिक शौचालय निर्माण एवं उपयोग की समीक्षा के दौरान जिले के कुआकोण्डा पंचायत के अन्तर्गत शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत पाए जाने पर इसकी  जांच कराए जाने की बात कही। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अधूरे शौचालय निर्माण एवं भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत बैठक में की गई। जिस पर श्री सिंहदेव ने यह निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सवालों पर, सीएसआर मद के तहत कराए जा रहें कार्यों एवं इसकी प्रक्रिया से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आकाश छिकारा ने पीपीटी के जरीए पंचायतों में कराए जा रहें विकास कार्यों की जानकारी दी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सरपंचो ने मनरेगा के नगद भुगतान की मांग की। पंचायत मंत्री श्री सिंहदेव ने जनपद पंचायतों में सामान्य सभा की बैठक नियमित रूप से किए जाने के निर्देश दिए। वहीं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा पुराने कार्यों एवं पूर्ण हो चुके कार्यों के अविलंब भुगतान हेतु निर्देशित किया। उन्होंने पंचायत सचिवों को अनिवार्यतः गावों में ही निवास करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में पिछले पांच वर्षों के दरमियान मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजनान्तर्गत प्राप्त राशि, पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई। 

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गई-
कोरोना काल में चिकित्सकों के कार्यों को सराहा-    कोविड काल में डाक्टर्स ने जिस दृढ़ता से कार्य किया, जिस तरह से चिकित्सकों ने जिम्मेदारी निभाई वह काबिलेतारीफ है। जिले में संतोषजनक परिणाम रहे हैं। यह बाते लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव ने व्यक्त किए। उन्होंने कोरोना के प्रति अभी भी सावधानी बरतने को कहा तथा जिले में टेस्टिींग बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण की प्रगति पर संतोष जताया और कहा कि यह जिला चुनौतिपूर्ण है। श्री सिंहदेव ने कहा कि जिनका टीकाकरण ओव्हरड्यू है उन्हें लगाना है। अपनी ओर से प्रयास करके लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने चिकित्सकों को प्रोएक्टीव होकर कार्य करने की सलाह दी।
    मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न अवसरों पर दवाओं को एवं उपकरणों को खरीदी के संबंध में कहा कि खरीदी मंे दोहराव नहीं होना चाहिए। इसे नियंत्रित करें। डबल परचेस नहीं होना चाहिए। किसी भी उपकरण, दवाओं के खरीदी के पूर्व संचालक स्वास्थ्य सेवाओं से अनुमति प्राप्त करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन नियमित रूप से स्टोर का निरीक्षण करें। श्री सिंहदेव ने जेनेरिक दवाओं को प्रोत्साहित करने कहा। चिकित्सकों से अपेक्षा की, कि वे किये प्रिस्क्रीस्पशन में जेनेरिक दवाएं प्रिस्क्राइब्ड करें साथ ही केपिटल लेटर का अपने चिट में उपयोग करें। श्री सिंहदेव ने कहा कि शासन की मंशा है कि हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक एमबीबीएस डॉक्टर हो कि इसी प्रकार हाट-बाजार क्लीनिक के लिए एक एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार लाया जा सकेगा। उन्होंने जिले में मलेरिया मुक्ति अभियान की तारीफ की और कहा कि अब हमें इससे आगे एक कदम मलेरिया उन्मूलन की ओर बढ़ना है।
    श्री सिंहदेव ने कहा कि चिकित्सकों की नियुक्ति के दौरान यह बात ध्यान में रखी जाए कि शल्य चिकित्सक के साथ एनेस्थिया चिकित्सक भी पदस्थ हो। तभी उसकी सार्थकता है। इसी प्रकार उन्होंने सीएमएचओ से कहा कि प्रत्येक संस्था का बायो ऑडिट और इलेक्ट्रीक ऑडिट अवश्य कराएं। उन्होंने हमर लैब के इन्फ्रा की जानकारी दी। साथ ही जिला चिकित्सालय में आंतरिक सुधार की आवश्यकता बताई। श्री सिंहदेव ने जिले में मेडिकल कॉलेज की संभावनाएं तलाश करने जनप्रतिनिधियों से कहा।
    बैठक में तीनों जिला सुकमा, बीजापुर एवं दन्तेवाड़ा के स्वास्थ्य गतिविधियों की गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास संचालक श्री कार्तिकेय गोयल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग आयुक्त डॉ सी आर प्रसन्ना, विधायक श्रीमती देवती महेंद्र कर्मा, छग पादप बोर्ड उपाध्यक्ष श्री छबीन्द्र कर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुकमा श्री हरीश कवासी, जिला पंचायत सदस्य सुश्री सुलोचना कर्मा, पूर्व महापौर जगदलपुर श्री जतिन जायसवाल अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ श्री आकाश छिकारा, अपर कलेक्टर श्री संजय कन्नौजे, एसडीएम श्री अबिनाश मिश्रा सहित दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा के सबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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