बिहार के मुंगेर में 16 जून को भाजपा नेता अरुण यादव ने मेयर उम्मीदवार पत्नी का गोली मारकर कत्ल करने के बाद खुदकुशी कर ली थी। घटना में सामने आया है कि अरुण यादव की पत्नी प्रीति कुमारी ने थके होने की वजह से एक दिन के लिए आराम करने की बात कही थी। इसी बात से भाजपा नेता अरुण यादव गुस्से में आ गए तथा उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया। घटना कोतवाली थाना इलाके के लाल दरवाजा क्षेत्र की है। 16 जून को यहां बड़ा बाबू के नाम से चर्चित बीजेपी नेता अरुण यादव के घर से जब गोली चली तो लोग खौफ में आ गए। गोली की आवाज सुनने के बाद लोग उनके घर पहुंचे तो बेडरूम भीतर से बंद था। तत्पश्चात, लोगों ने खिड़की से झांककर देखा तो दोनों पति-पत्नी के शव पड़े हुए थे। अरुण यादव बीजेपी के ओबीसी मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष थे। वहीं, उनकी पत्नी प्रीति कुमारी मुंगेर नगर निगम के होने वाले चुनाव में मेयर पद की प्रबल दावेदार थीं। अरुण बीते कई माहों से अपनी पत्नी के साथ नगर निगम क्षेत्र की जनता से मिल रहे थे तथा लोगों को अपनी पत्नी को मेयर का चुनाव लड़ाने की खबर दे रहे थे। भाजपा नेता के पिता फुलेश्वर यादव ने कहा, बेगूसराय जिले की प्रीति कुमारी से अरुण यादव की शादी लगभग 4 वर्ष पहले बेगूसराय जिले में हुई थी। इन दोनों की कोई औलाद नहीं थी। इसी को लेकर वह पत्नी का उपचार पटना से करवा रहे थे। घटना से एक हफ्ते पहले पति पत्नी उपचार कराने पटना गए थे। वहां से आने के पश्चात् अरुण यादव फिर से लोगों से मिलना जुलना आरम्भ करना चाहते थे। किन्तु थकावट की वजह से प्रीति ने जाने में असमर्थता व्यक्त की। प्रीति ने कहा, ”आज रहने देते हैं। कल चलेंगे।” इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। फिर तीसरे ही दिन अरुण ने पत्नी का कत्ल करके खुदकुशी कर ली। वही अभी मामले की जांच जारी है।
‘आज रहने देते हैं, कल करते है’ सुनते ही भड़के पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट और फिर…
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