छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि आगामी 14 जुलाई 22 के कैबिनेट बैठक में निर्णय लेकर राज्य के पेंशनरों को केन्द्र के बराबर 34%प्रतिशत महंगाई राहत की राशि देने हेतु मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की 49 (6) के प्रावधानों के परिपालन में मध्यप्रदेश शासन द्वारा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 23 मार्च 22 को प्रेषित प्रस्ताव पर सहमति देकर महंगाई की मार से त्रस्त बुजुर्ग पेंशनरों को राहत प्रदान करने की मांग किया है।
जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि बकौल सरकारी सूत्रों के अनुसार धारा 49 की बाध्यता के कारण दोनों राज्यों की सहमति के बगैर पेंशनरो को केन्द्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत के बराबर राशि का भुगतान करने आदेश नहीं किया जा सकता जबकि धारा 49(6) में इस बात कहीं कोई उल्लेख नहीं है। परन्तु दोनों सरकार पेंशनरो को महंगाई राहत की राशि देने के लिए 74:26 के अनुपात में 22 वर्षो से बजट आबंटित करते आ रहे हैं।
ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार सम्प्रति अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को जनवरी 22 से 34%के दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दे रही हैं जबकि मध्यप्रदेश कर्मचारियों जुलाई 21 से 31% और पेंशनरों को अक्टूबर 21 से 17% तथा छत्तीसगढ़ सरकार कर्मचारियों को मई 22 से 22% और पेंशनरो को केवलअक्टूबर 21 से 17% दे रही हैं।
उल्लेखनीय है कि धारा 49 कर्मचारियों पर लागू नहीं है इसलिए कर्मचारी वर्ग लगातार केन्द्र के बराबर महंगाई भत्ता लेने आंदोलन कर रहे हैं। परन्तु पेंशनरो को भी मध्यप्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों के बराबर 31% महँगाई राहत का भुगतान करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार को सहमति बाबत प्रस्ताव भेजा है जो कई महीने से यहाँ लम्बित रखा गया है जिसके कारण दोनों राज्यों के पेन्शनर महँगाई राहत की राशि से वंचित अपने अपने सरकार से लगातार गोहार लगा रहे हैं मगर सरकार चुप्पी साध रखी है।
जारी संयुक्त विज्ञप्ति में पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, पेंशनर्स महासंघ प्रदेश अध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन के यशवन्त देवान तथा पेन्शनर समाज के अध्यक्ष ओ पी भट्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से केबिनेट की बैठक में महंगाई राहत का उनका जायज हक की राशि के भुगतान करने हेतुआदेश प्रसारित करने की मांग की है।



















