मोदी सरकार पर बरसने वाले राहुल भूपेश सरकार पर अपना चुप्पी तोड़े
मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) को विलोपित करने तथा केन्द्र के समान महंगाई राहत की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने से नाराज छत्तीसगढ़ के पेन्शनर्स अब पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के कद्दावर नेता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास 12 तुगलक लेन नई दिल्ली में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ करने की तैयारी में जुट गए हैं।वहां उनसे राज्य के पेंशनरों को केन्द्र के बराबर 34 प्रतिशत महंगाई राहत देने के आदेश प्रसारित करने हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस पार्टी की साख बचाने सद्बुद्धि देने आग्रह करेंगे। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया है कि राहुल गांघी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ता लम्बित रहने पर मोदी सरकार पर खूब बरसे थे और ट्वीट कर कहा था “कर्मचारियों-पेंशनरों का डी ए/डी आर रोकना लूट और अपराध है”
अब जब छत्तीसगढ़ राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के डी. ए./डी. आर. को केन्द्र के बराबर देने के मामले में हीलाहवाली कर रहें हैं तब राहुल चुप है जबकि उन्हें इसे तत्काल संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को तुरंत जारी करने की निर्देश देना चाहिए।भूपेश सरकार के इस तानाशाही रवैये से कर्मचारियों और पेंशनरो में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है इसका खामियाजा आगामी 2023 के चुनाव में भुगतना पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सरकार चेत जाय और राज्य में तुरन्त महंगाई भत्ता व महंगाई राहत के एरियर सहित केन्द्र के बराबर आदेश जारी कर दे अन्यथा भूपेश सरकार को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। अब पछताए होत क्या जब चिडिय़ा चुग गई खेत वाली कहावत चरितार्थ करने से बचने की सलाह दिया है।
छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव तथा फेडरेशन से जुड़े प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, पेन्शनर एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान, भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के जयप्रकाश मिश्रा एवं पेन्शनर समाज से ओ पी भट्ट ने पेंशनरो से आव्हान किया है कि अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली जाकर राहुल गांघी के बंगले के समक्ष सामुहिक हनुमान चालीसा पाठ के कार्यक्रम को सफल बनाने में तन मन धन से जुट जाएं।



















