
राजिम। जिला पंचायत सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी श्रीमती लक्ष्मी साहू ने वस्तुस्थिति की जानकारी के लिए नवोदय विद्यालय पांडुका पहुँची। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-1986 के अंतर्गत ऐसे आवासीय विद्यालयों की परिकल्पना की गई है, जिन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय का नाम दिया गया है और ये सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने में यथासंभव प्रयास होता है। भारत तथा अन्यत्र दी जाने वाली स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवोदय विद्यालय प्रणाली एक अनूठा प्रयोग है। इस प्रयोग की महत्ता ग्रामीण प्रतिभाशाली बच्चों को लक्ष्य में रखकर किए गए चयन तथा उन्हें आवासीय स्कूल प्रणाली के अंतर्गत दी जाने वाली सर्वश्रेष्ठ शिक्षा के समान गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के प्रयास में निहित है। संस्था के प्राचार्य ने श्रीमती साहू को जानकारी देते हुए बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय पांडुका को मुख्य ऑफिस नोएडा (दिल्ली से) अभी पूरी तरह से हैंडओवर नही किया है। अभी भी कुछ निर्माण कार्य निमार्णाधीन हैं जिसमें बच्चों के प्रयोगशाला कक्ष भी है। जिसके कारण अभी शिक्षा सत्र प्रारंभ नही हो पा रहा है, साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की भर्ती केंद्रीय मानव संसाधन विकास द्वारा निर्धारित किया जाता है। जवाहर नवोदय विद्यालय पांडुका के भवन निर्माण प्रारंभ के समय ही श्रीमती लक्ष्मी साहू ने उनकी गुणवत्ता और लेटलतीफी पर सवाल खड़े कर चुकी है। श्रीमती साहू ने कहा कि स्थानीय लोकसभा सासंद और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखकर नवोदय विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराते हुए, शिक्षकों की नियुक्ति, भवन अतिशीघ्र हैंडओवर करने की मांग करेंगी जिससे क्षेत्र के ग्रामीण प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा के लिए कहीं और भटकना ना पड़े।



















