भारत में न केवल मानसून की विदाई हो चुकी है, बल्कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘सितरंग’ का खतरा भी टल चुका है. हालांकि, मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से अब भी कई इलाकों में बारिश का दौर खत्म नहीं हुआ है. चक्रवाती तूफान सितरंग की वजह से पश्चिम बंगाल असम और दक्षिण भारत के कई इलाके में हल्की से मध्यम बारिश जारी है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढऩे के साथ ही वायु प्रदूषण भी बढऩे लगा है. दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी में है और यूपी-बिहार का मौसम शुष्क बन हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, 29 और 30 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. साथ ही बिजली कड़कने के भी आसार हैं. वहीं, 30 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, रायलसीमा, केरल और माहे में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 30 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. इतना ही नहीं, आज यानी 27 और 28 अक्टूबर यानी अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों मसलन असम, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बारिश की संभावना है. अगले 5 दिनों के दौरान देश के बाकी हिस्सों में शुष्क मौसम रहने की संभावना है. अगर चक्रवात सितरंग की बात करें तो लैंडफॉल के बाद चक्रवात तूफान कमजोर हो गया और अब वह चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के रूप में असम और आसपास के क्षेत्रों में है. मौसम संबंधी जानकारी देने वाली वेबसाइट स्काईमेट के मुताबिक, एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश हुई. इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप के इलाकों में भी बारिश देखी गई. देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, मगर दक्षिण भारत के राज्यों में आज बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ ही दिवाली के बाद वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है. राजधानी क्षेत्र में अनुकूल गति से हवाएं चलने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बुधवार सुबह सुधार हुआ, लेकिन यह अब भी दूषित है. मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार सुबह छह बजे राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 262 दर्ज किया गया, जो मंगलवार शाम चार बजे दर्ज एक्यूआई (303) से बेहतर है. सोमवार यानी दिवाली के दिन शाम चार बजे दिल्ली का एक्यूआई 312 था. इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी देखने को मिल रही है. दक्षिण पश्चिम मानसून ने पूरे देश से बीते रविवार को ही विदाई ले ली. इस बार मानसून की वापसी सामान्य समय से एक हफ्ते बाद हुई. आईएमडी यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि भारत में लगातार चौथे साल मानसून सामान्य रहा है. 925 मिमी बारिश दर्ज की गई जो 880 मिमी की लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 106 प्रतिशत है. सितंबर में हुई बारिश ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में वर्षा की कमी पूरी करने में मदद की लेकिन कुछ राज्यों में धान की मुख्य फसल को इससे कोई फायदा नहीं हुआ. दक्षिण पश्चिम मानसून आम तौर पर 30 सितंबर तक चला जाता है लेकिन इस बार 30 सितंबर के बाद भी बारिश हुई. इसकी वजह मध्य प्रदेश और दक्षिण गुजरात के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण का सक्रिय होना और इसका मध्य अक्षांश मौसम प्रणालियों के साथ जुड़ाव होना था जिससे उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के इलाकों में अक्टूबर में बारिश हुई. आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, मानसून के बाद एक से 23 अक्टूबर के बीच 104 मिमी बारिश हुई जो मौसम में 63.2 मिमी की सामान्य वर्षा से 65 फीसदी अधिक थी.

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