नई दिल्ली। सावन मास की पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है. हिंदू धर्म के लोगों के लिए यह त्योहार बहुत ही महत्व रखता है. राखी का त्योहार भाई और बहन के प्यार का प्रतीक है. रक्षाबंधन पर बहने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं. हर साल राखी का त्योहार आते ही बाजार में रौनक लग जाती हैं और जगह-जगह राखी बिकना शुरू हो जाती हैं. बहने अपने भाइयों के लिए एक से एक अच्छी राखी ढूंढ कर लाती है. लेकिन इस साल कोरोना काल में ही राखी का त्योहार मनाना है और ऐसे में ना तो बाजारो में पहले जैसी रौनक है और ना ही जगह-जगह राखी बिकती दिख रही है. कोरोना में एहतियात की वजह से लोग भी अपने घरों से निकलते हुए झिझक रहे हैं. इसी वजह से लोगों ने त्योहार का फीकापन दूर करने के साथ-साथ घर के बच्चों के लिए यह त्योहार मनाने के कुछ विकल्प ढूंढ निकाले हैं. रंग बिरंगी राखी के साथ नए कपड़ों, मिठाइयों और चॉकलेट्स का चलन है. बहनें जहां भाईयों के लिए राखी खरीदती हैं तो वही भाई अपनी बहनों के लिए तोहफे लेते हैं. कोरोना में राखी की शॉपिंग अब ऑनलाइन हो गई है. लोग अब कपड़ों से लेकर राखी तक सभी चीजे ऑनलाइन ही मंगा रहे हैं. एबीपी न्यूज राखी की तैयारियां देखने के लिए दिल्ली में रह रहे बीएल मीना के परिवार से मिलने पहुंचे इस परिवार ने राखी की तैयारियां शुरू कर दी हैं. घर के बच्चे, घर पर ही होममेड राखी बना रहे हैं तो वहीं घर के बड़ों ने कपड़ों की शॉपिंग ऑनलाइन शुरू कर दी है. एबीपी न्यूज को बीएल मीना ने बताया, हमने नया घर बनाया है. सोचा था राखी पर घर में शिफ्ट होंगे तो बड़ी पार्टी देंगे, सभी को बुलाएंगे लेकिन करोना संकट की वजह से कुछ भी नहीं हो पाया. अब राखी का त्योहार भी ऐसे ही ना गुजर जाए इसलिए हमने इसको उत्सव में बदलने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग शुरू कर दी है. हम सभी चीजें ऑनलाइन मंगा रहे हैं. वहीं बीना ने बताया कि पहले तो बाजार जाकर चीजें खरीद के लाते थे लेकिन अभी करोना की वजह से कहीं बाहर नहीं जा रहे हैं और राखी के लिए मिठाइयां भी घर पर ही बनानी शुरू कर दी है. वहीं हरकेशी का कहना था कि करोना में बाहर जाना सही नहीं है इसलिए घर पर ही सब कुछ कर रहे हैं. बच्चों के साथ साथ बड़े भी उत्सुक हैं. जहां बड़ों ने अपनी तैयारियां करनी शुरू कर दी हैं तो वहीं बच्चे भी पीछे नहीं हैं. बच्चियों ने अपने भाइयों के लिए घर पर ही होममेड राखी बनाई है. एबीपी न्यूज ने इन सभी बच्चों से भी बात की. प्रेक्षा ने बताया कि घर पर जो भी चीजे थी जैसे बीड्स, थ्रेड उन्ही सब चीजों से घर पर ही राखी बनाई है. सान्वी कहा, हम कहीं बाहर नहीं जा रहे हैं मम्मी ऑनलाइन शॉपिंग कर सब सामान मंगवा रही हैं. अंकुश और शुभम ने कहा कि हम लोग कहीं भी बाहर नहीं जा रहे, पहले गिफ्ट्स लेने मॉल जाते थे. इस बार नहीं गए. हम राखी घर पर ही मना रहे हैं. कोरोना ने त्योहारों के तौर तरीके ही बदल दिए है और लोगों ने इस महामारी के बीच खुशियां ढूंढने के नए विकल्प भी ढूंढ लिए है. (एजेंसी)
कोराना काल में लोगों ने ढूंढ निकाला रक्षाबंधन मनाने का यह नया विकल्प…
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