विश्व बाल दिवस मनाने की उद्देश्य बच्चों की शिक्षा और शारीरिक और मानसिक सेहत को बेहतर बनाने की दिशा में लोगों को जागरूक किए जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए यूनिसेफ लगातार कार्य कर रहा है।सर्दी के मौसम में बच्चों की तबीयत जल्द खराब हो सकती है। इस मौसम में उन्हें सर्दी जुकाम और निमोनिया होने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में बच्चों की सही देखभाल जरूरी है। हालांकि अक्सर बहुत छोटे बच्चे अपनी तकलीफ नहीं बता पाते। बच्चे बीमार होने पर रोने लगते हैं। वहीं ऐसे युगल जो पहली बार माता पिता बनते हैं, उनके लिए भी बच्चों की देखभाल करना नया काम होता है। उन्हें भी समझ नहीं आता कि कैसे बच्चे को कैसे मौसमी बीमारी से सुरक्षित रखें। वहीं अगर बच्चा अचानक से बीमार हो जाता है, तो अक्सर माता पिता घबरा जाते हैं। कई बार माता पिता को समझ नहीं आता कि बीमार बच्चे की देखभाल कैसे करें और उनके बीमार होने पर क्या करें। एकल परिवार में कम अनुभवी अभिभावक के साथ इस तरह की समस्या अधिक होती है।
सर्दी के मौसम में बच्चों की देखभाल के टिप्स
अभिभावक ध्यान रखें कि सर्दी का मौसम शुरू होने लगे तो बच्चों को गर्म कपड़े पहना कर रखें।
ध्यान रखें कि बच्चे पर सीधी हवा न लें और दरवाजे व खिड़की की तरफ बच्चे को न लिटाएं।
सुबह और शाम के समय बच्चे के कान और गले को ढक कर रखें।
छोटे बच्चों के सामने हीटर या ब्लोअर भूलकर भी न रखें, इससे बच्चों को सांस की दिक्कत हो सकती है।
सर्दियों में बच्चे को ठंडा पानी न देकर हल्का गुनगुना पानी पिलाएं।
पोषण युक्त आहार बच्चे को दें, ताकि उसकी इम्यूनिटी मजबूत हो सके।
अचानक बच्चे की तबीयत खराब होने पर क्या करें
बच्चा बहुत छोटा है और अधिक रो रहा है तो जानने की कोशिश करें कि बच्चा किस कारण असहज महसूस कर रहा।
उसकी त्वचा को छूकर देखें कि कहीं उसे बुखार तो नहीं। अगर वह बीमार लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।
बच्चे की समस्या का पता न चल रहा हो तो किसी बड़े बुजुर्ग से पूछे, हो सकता है कि उसके पेट में दर्द हो या अन्य कोई समस्या हो।
बच्चे को समय समय पर बाल चिकित्सक के पास ले जाएं और उनकी जरूरी जांच कराएं। शिवानी अवस्थी

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031