रायपर। राज्य आंदोलनकारी छ.स.पा., प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा शेरों की गिनती में लगभग दो दर्जन शेरों का छत्तीसगढ़ के जंगलों से अचानक लापता हो जाना, छत्तीसगढ़ के लिये गंभीर घटना है। लगभग 2 वर्ष की कांग्रेस की सरकार ने कभी भी शेरों के लापता होने की जानकारी छत्तीसगढ़ की जनता के सामने नहीं लाई। वन मंत्री मो.अकबर का बयान कहता है कि शेरों की गुमशुदगी भाजपा शासन काल का है। सत्ता में आते ही कांग्रेस ने छोटे-छोटे भाजपा के आर्थिक अपराध और अपराध पर संज्ञान लिया और FIRकरवाया है, जो स्वागत योग्य है। पर शेरों पर कांग्रेस के वन मंत्री जो कानून को अच्छी तरह से जानते हैं और केबिनेट स्तर के मंत्री हैं वे कैसे चूक गये।शेर आखिर गए तो गए कहाँ। कंजर्वेटर, डीएफओ के जानकारी के बगैर यह घटना नहीं हो सकती। सरकार को त्वरित FIR करना चाहिए और विपक्ष को विधानसभा सत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाना चाहिए और संधर्ष करना चाहिए। छत्तीसगढ़ के शेर छत्तीसगढ़ के जंगल में वापस लाये जायें। यह मांग राज्य आंदोलनकारी छसपा नेता अनिल दुबे ने मुख्यमंत्री से की है और दाल में काला का जिक्र किया है।
छत्तीसगढ़ के शेरों के लापता होने पर कांग्रेस सरकार FIR करे, कंजर्वेटर, डीएफओ बनाये जाएं अपराधी-दुबे
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