हम जब किसी भी प्रकार का कोई भी व्रत रखते हैं तो सबसे पहले जिसका सेवन व्रत में किया जाता है। उसका नाम साबूदाना है जिसे लोग व्रत के लिए इस्तेमाल करते हैं। जब भी व्रत के खाने की बात होती है तो सबसे पहले साबूदाना का नाम आता है। साबूदाने से कई तरह की रेसिपी बनती है और व्रत में इसका काफी इस्तेमाल किया जाता है। सफेद मोती की तरह दिखने वाला ये साबूदाना स्वाद में भी काफी अच्छा होता है। इतना ही नहीं, कई रिपोर्ट्स में दावा भी किया गया है कि यह आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। आप ने अधिकतर लोगों को देखा होगा जो साबूदाने का प्रयोग करते हैं। कई ऐसे लोग भी होते है जो सिर्फ साबूदाने का इस्तेमाल व्रत में करते हैं तो वहीं कई लोग ऐसे भी होते है जो साबूदाने का प्रयोग कभी भी कर लेते हैं। क्या आप ने कभी सोचा है कि साबूदाने का इस्तेमाल व्रत के समय क्यों किया जाता है?आखिर इसमें क्या मिलाया जाता है जिसके कारण हमें इसे व्रत में सेवन करना पड़ता है। आज हम आपको बतायेंगे कि साबूदाने का प्रयोग अधिकतर व्रत के लिए ही क्यो प्रयोग किया जाता है? कहा जाता है कि सफेद रंग की छोटी-छोटी गोलियों के रुप में दिखने वाला साबूदाना एक पेड़ के जरिए बनाया जाता है। यह सीधे पेड़ पर नहीं उगता है साबूदाने को लंबी प्रोसेस के बाद तैयार किया जाता है से इसे तैयार करने में काफी लंबा समय लगता है।यह सागो पाम नाम के एक पेड़ से बनाया जाता है। सागो दक्षिण भारत में काफी होता है और वैसे ये पौधा अफ्रीका का होता है। इसे बनाने के लिए इस सागो पौधे के तने के बीच के हिस्से यानी गुदे को निकाल लिया जाता है। यह एक तरह का ‘टैपिओका रूट’ होता है, जिसे कसावा भी कहा जाता है और इसी से साबूदाना बनता है। जिसका प्रयोग व्रत के लिए किया जाता है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930