बीते गुरुवार (23 फरवरी) को मुंबई के अंधेरी के रहने वाले आमिर वोरा नाम के 30 वर्षीय शख्स को झूठा केस दर्ज करवाने के मामले में अग्रीपाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया. अपनी शिकायत में आमिर ने कहा था कि कुछ डकैतों ने रास्ते में उससे 44 लाख रुपये नकद लूट लिए हैं, जिसे फ्लैट खरीदने के लिए उसकी सास ने भेजे थे. वहीं, आमिर की रची मनगढ़ंत कहानी का खुलासा खुद पुलिस ने किया. पुलिस पूछताछ में आमिर ने सब कुछ उगल दिया. आमिर ने बताया कि उसने ऐसा काम अपनी ‘खर्चीली’ पत्नी को सबक सिखाने के लिए किया था. अग्रीपाड़ा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि वोरा 22 फरवरी को लगभग 11:30 बजे (गिरफ्तारी के एक दिन पहले) अपने पिता के साथ नकदी लेने के लिए भुलेश्वर गया था. बायकुला रास्ते में उसके वाहन के दोनों ओर दो बाइक सवार दिखाई दिए. जब वह रुका तो एक आदमी ने उसका लाइसेंस मांगा और जब वह लाइसेंस निकाल रहा था तो उसके दाहिनी ओर बाइक सवारों ने नकदी से भरे बैग को पकड़ लिया और भाग गए. इस मामले में पुलिस ने तुरंत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसके अलावा, वरिष्ठ निरीक्षक योगेंद्र पाचे ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की थी. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता से शुरुआती पूछताछ के बाद हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है. उसने दावा किया कि घटना शाम 07:30 बजे की है, लेकिन वह घटना के चार घंटे बाद थाने पहुंचे. जब उससे लूट की जगह के बारे में पूछा गया तो वह सही लोकेशन नहीं बता सका. इस बीच वोरा के पिता को फोन किया तो उन्होंने हैरान होकर हमें बताया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था. जब हमने वोरा से सख्ती की तो उसने सब कुछ उगल दिया. दो बच्चों के पिता आमिर वोरा को अपनी पत्नी की खर्च करने की आदतों से परेशानी थी. वोरा के अनुसार, पत्नी ने उसकी मेहनत की कमाई को महत्व नहीं दिया और अपनी मां की काबिलियत के गुणगान करती थी. जो उसकी तरह ही एक इवेंट मैनेजर भी हैं. खर्च को लेकर पति-पत्नी में रोजाना झगड़े हुआ करते थे. बता दें गिरफ्तारी के बाद आमिर वोरा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (शांति भंग) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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