व्यापार

मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बीच अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) ने अपने औद्योगिक ग्राहकों को एक बड़ी…

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मुंगेली। दिनों-दिन किसानों का रूझान कम लागत और न्यूनतम मानव श्रम में अधिक लाभ देने वाले खेती की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में गेंदा फूल की खेती सार्थक साबित हो सकती है।  गेंदा फूल की खेती, पारम्परिक खेती की तुलना में किसानों को अधिक लाभ दे सकती है। गेंदा फूल न सिर्फ कम खर्च में अच्छा लाभ देता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति को बरकरार रखने भी अहम भूमिका निभाता है। जिससे किसानों को गेंदा फूल का दोहरा फायदा मिलता है। उद्यान विभाग के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी (फ्लोरिकल्चर विशेषज्ञ) डॉ .पूजा पहारे ने बताया कि गेंदा फूल की खेती सर्दी, गर्मी और बरसात के सीजन में की जाती है। गेंदा फूल की खेती कोई भी किसान कर सकता है। अगर किसान हाईब्रिड किस्म के बीजों को लगाता है तो उसे करीब 30 से 35 हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च आता है। यदि किसान अपने खेत में गेंदा की खेती करता है, तो वह साल में तीन बार फूलों की पैदावार ले सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार गेंदे की जड़ों से एक कैमिकल निकलता है जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति का बढ़ाता है। सीजन में गेंदे की कीमत 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाती है। अगर किसान आधा एकड़ में भी गेंदे की खेती करता है तो एक सप्ताह में एक क्विंटल से लेकर डेढ़ किवंटल तक फूल प्राप्त कर सकते हैं। गेंदा फूल की खेती को किसान ओपन और पॉली हाउस दोनों ही जगहों में ले सकता है। गेंदा फूल कई वेरायटियों में लगाया जा सकता है। जिसका अच्छा भाव किसानों को मार्केट में मिल जाता है।  

धमतरी। छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। छत्तीसगढ़ के किसान समृद्ध होंगे, तो प्रदेश और देश में खुशहाली आएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा इसे सार्थक करने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत देयक में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा अप्रैल 2019 से बिजली बिल हॉफ योजना शुरू की गई है। इसके तहत 400 यूनिट तक बिजली की खपत पर उपभोक्ताओं को 50% की छूट का प्रावधान किया गया है। कार्यपालन अभियंता, विद्युत संभाग धमतरी ने बताया कि योजना के तहत पिछले ढाई साल में अब तक जिले के एक लाख 31 हजार 508 विद्युत उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं, जिन्हें बिजली बिल के भुगतान में 64.96 करोड़ रूपए की छूट मिली है। इससे विद्युत उपभोक्ताओं को बेहद राहत मिली है।इस संबंध में जिले के लाभान्वित उपभोक्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मार्च 2019 के पहले बिजली बिल आने पर उसे जमा करने के लिए सोचना पड़ता था। परिवार की अन्य आवश्यकताओं में कटौती कर बिजली बिल पटाते थे। अब प्रदेश सरकार की बिजली बिल हॉफ योजना के तहत बिल की आधी राशि का ही भुगतान करना पड़ता है। इस बचत राशि से परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हो रही है। श्री डेरहाराम ने जुलाई माह में आए 230  रुपए के बिजली बिल के बदले सिर्फ 130  रुपए पटाए, उन्हें 100 रुपए की छूट मिली। इसी तरह श्री राजेंद्र साहू ने 262 के बजाय 140 रूपये का बिल पटाया , उन्हें 122 रुपए की छूट योजना के तहत मिली। इसी तरह श्री शेख नसीर को 299 रुपए की छूट मिलने पर 629 रुपए के बिजली बिल में से सिर्फ 330 रुपए  का  भुगतान करना पड़ा और श्री रेखराम द्वारा जुलाई माह में केवल 50 रुपए का बिजली बिल का भुगतान किया गया है, दरअसल उनका बिजली बिल 118 का आया था, जबकि योजना के तहत उन्हें 68 रुपए की छूट मिली।जिले के उपभोक्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार प्रकट करते हुए बिजली बिल हॉफ करने की योजना पर प्रसन्नता जाहिर की है।

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