पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा को वैश्विक पहचान मिल चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा के लिए मूर्तियों के साथ थीम बेस्ड पंडाल सजने लगे हैं। वहीं बंगाल की दुर्गा पूजा को यूनेस्को से भी मान्यता मिली हुई है। इसी के तहत इस बार दुर्गापूजा के बाद अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बेहतरीन दुर्गा प्रतिमाओं और पूजा थीम की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। ऐसे में बैरकपुर शिल्पांचल के पलता शांतिनगर निवासी कलाकार देवप्रकाश मालाकार ने पिछले कई सालों की तरह इस साल भी वह कर दिखाया है जिसे देख लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली है। उन्होंने महज 10 दिनों में मूंगफली के छिलके से 1 इंच की दुर्गा प्रतिमा बना दी है।
महिषासुर और उनके वाहन शेर को भी दर्शाया – प्रतिमा में मां दुर्गा के साथ ही महिषासुर और उनके वाहन शेर को भी दर्शाया गया है। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ देवप्रकाश के घर पहुंच रही है। अद्भुत प्रतिभा के धनी देवप्रकाश इससे पहले टूथ पीक, जूट, चॉक, पेपर, तार से भी कई सूक्ष्म प्रतिमाएं बना चुके हैं। इस बार उन्होंने फिर यह बेहतरीन कलाकृति बनायी है। देवप्रकाश मालाकार ने बताया कि उन्हें बचपन से ही प्रतिमाओं को बनाते देख कर काफी खुशी होती थी। फिर उन्होंने भी प्रतिमा बनाना सीखा।
सूक्ष्म प्रतिमाओं को बनाना शुरू किया – मिट्टी से प्रतिमा बनाने के बाद फिर उन्होंने कुछ अलग हटकर बनाने की सोची और सूक्ष्म प्रतिमाओं को बनाना शुरू किया। उन्होंने मिट्टी के बजाय कई ऐसी चीजों से सूक्ष्म प्रतिमाएं बनायीं जिससे कभी नहीं बनायी गयी थी। यह अलग काम करके उन्हें काफी अच्छा लगा।
विश्व भर में ख्याति भी मिली – उन्होंने बताया कि ईश्वर की कृपा से उन्होंने सबसे छोटी 3 मिलीमीटर की भी दुर्गा प्रतिमा गठित की थी जिसके लिए उन्हें कई जगहों से सराहना और सम्मान मिला। अपनी इस अद्भुत कलाकारी के लिए उन्हें विश्व भर में ख्याति भी मिली मगर उनका कहना है कि वे आगे और भी कई असमान्य चीजों से मूर्ति बनाना चाहते हैं।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31