भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी जानकारी दी है, जिसके मुताबिक भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) समेत देश के तीन बैंकों में पैसा सबसे ज्‍यादा सुरक्षित है. RBI को भरोसा है कि ये तीन ऐसे बैंक हैं, जो कभी डूब नहीं सकते. RBI का कहना है कि SBI समेत ये तीन बैंक देश के लिए महत्‍वपूर्ण बने हुए हैं और इसमें देश के लोगों की अच्‍छी खासी रकम जमा है. फाइनेंशियल सिस्‍टम के स्तर पर भी ये बैंक सबसे बड़े बैंक हैं.
केंद्रीय बैंक ने जानकारी दी है कि ICICI बैंक पिछले साल की तरह ही इस साल भी अच्‍छे बैंक बनकर उभरा है. वहीं SBI और HDFC बैंक भी उच्‍च कैटेगरी में बने हुए हैं. RBI ने सभी बैंकों को कुल चार कैटेगरी में बांटा है, जिसमें सबसे अच्‍छे बैंक की सूची में ICICI, HDFC और SBI शामिल हैं. इनकी वित्तीय स्थिति सभी बैंकों से बेहतर ही नहीं, बल्कि काफी मजबूत है. ऐसे में ये बैंक कभी डूबने की स्थिति में नहीं आ सकते हैं.
बैंकों की कैटेगरी बदली
एसबीआई कैटेगरी तीन से चार में और एचडीएफसी बैंक एक से 2 में चला गया है. RBI ने घरेलू सिस्टेमेटिक इम्पोर्टेन्ट बैंक (D-SIB) की लिस्ट में एसबीआई और एचडीएफसी बैंक को ऊपर के बकेट में शिफ्ट किया है. बकेट में ऊपर शिफ्ट होने के चलते दोनों बैंकों को ज्यादा Tier 1 कैपिटल रखना होगा. इन बैंकों को 1 अप्रैल 2025 से ज्यादा Tier 1 कैपिटल रखना होगा.
बैंक के फेल होने पर दूसरे पर भी असर
आजतक.इन की खबर के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में कहा था कि अगर कोई एक बैंक दिक्‍कतों में आता है तो इसका असर दूसरे बैंक पर भी पड़ सकता है. रिपोर्ट में आरबीआई ने बैंक के फेल होने पर टियर 1 कैपिटल पर 3.6% का असर होगा. इसके पहले 2.2% के असर का आकलन था. वहीं सभी कॉमर्शियल बैंकों का एनपीए सितंबर 2024 तक 3.2% से घटकर 3.1% होने का अनुमान है.
हर साल जारी करता है रिपोर्ट
गौरतलब है कि देश का केंद्रीय बैंक आरबीआई हर साल बैंक की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट जारी करता है और बताता है कि किस बैंक की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत है. साथ ही एनपीए डाटा, जीडीपी ग्रोथ अनुमान और कर्ज के बारे में भी जानकारी देता है.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930