मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को कला केन्द्र का लोकार्पण करते हुए कहा कि इससे कलाकारों को एक नया मंच मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा को और निखारने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए इस कला केन्द्र में बच्चों से लेकर युवाओं को कला की 12 विधाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपना संदेश भी रिकॉर्ड कराया, जिसमें उन्होंने कहा कि जीर्ण-शीर्ण भवन को एक सुन्दर कला केन्द्र भवन के रूप में विकसित किया गया है इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन रायपुर के प्रयासों की सराहना की।
इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने की। वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ठ अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम में मौजूद विधायक अनुज शर्मा ने इस मौके पर गीत कुछ की लाईनें भी गाकर रिकॉर्ड कराईं।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कला की विभिन्न विधाओं के लिए निर्मित कक्ष का अवलोकन किया और कलाकारों एवं प्रशिक्षकों से मुलाकात कर उनके साथ गु्रप फोटो भी खिचाया। क्ले-आर्ट के बाल कलाकार मास्टर आदित्य वर्मा से भी मुलाकात की। आदित्य के द्वारा क्ले से तैयार की गई बैगन की कलाकृति की सराहना की और इस आर्ट के बारे में जानकारी ली।
राजधानी रायपुर के इंटरनेशनल लायब्रेरी के पीछे बनाए गए इस कला केंद्र में छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। परिसर में अलग-अलग प्रशिक्षण कक्ष तैयार किए गए है, जहां ड्राइंग, मूर्तिकला, गायन, शास्त्रीय नृत्य, वेस्टर्न डांस, आर्ट एंड क्राफ्ट, तबला, हारमोनियम, ड्रम, की-बोर्ड इत्यादि वाद्य यंत्र का तथा अन्य कलाओं का प्रशिक्षण मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि कला केंद्र में परिसर में खुला मंच भी तैयार किया गया है जहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समय-समय पर प्रस्तुति की सुविधा भी रहेगी। लोकार्पण अवसर पर खुले मंच से विभिन्न कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

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