पीपल के पेड़ की पत्तियों का रस खांसी, अस्थमा, दस्त, कान दर्द, दांत दर्द, हेमट्यूरिया (मूत्र में रक्त), माइग्रेन, खुजली, आंखों की परेशानी और गैस्ट्रिक समस्याओं को ठीक करने में सहायक होता है। पीपल के पेड़ के तने की छाल हड्डी के फ्रैक्चर, दस्त और मधुमेह में मदद कर सकती है।- छाल के काढ़े को गुड़ और नमक के साथ पीने से गंभीर असहनीय पेट दर्द से राहत मिल सकती है। पेड़ के अंकुरों से तैयार एनीमा, जिसे दूध में पकाया जाता है. इसका उपयोग पेचिश (गंभीर दस्त) को ठीक करने में किया जाता है।

– पीपल के पेड़ की पत्तियां दिल की बीमारियों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इसके सेवन से पहले एकबार डॉक्टर से जरूर पूछ लीजिए।

– यह गठिया (जोड़ों की सूजन और दर्द) के लिए भी सहायक हो सकता है। इस हेल्थ इश्यू में पीपल के पेड़ की छाल को पानी में पकाया जाता है, छान लिया जाता है और फिर इसका सेवन शहद के साथ किया जाता है। यह नुस्खा भी आप आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में ही कीजिए।

– पानी के साथ सूखे फल का पाउडर अस्थमा में मदद कर सकता है। खांसी से राहत पाने के लिए शहद का सेवन भी मददगार होता है। मक्खन के साथ इसका पाउडर बच्चों में काली खांसी से निपटने में मदद कर सकता है, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही आप इस नुस्खों को बच्चों पर अप्लाई करें।

– पीपल की छाल का काढ़ा खुजली या एक्जिमा से निपटने में मदद कर सकते हैं। पेस्ट (छाल और पानी) त्वचा के से जुड़ी परेशानी से निपटने में मदद करता है।

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