छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में विंध्य पर्वतमाला पर समुद्रतल से करीब साढ़े तीन हजार फीट की ऊंचाई पर बसे मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है।वैसे तो यहां अनेक झरने, नदियां व मनोरम स्थल है लेकिन यहां पहुंचने पर टाइगर प्वाइंट, फिश प्वाइंट व मेहता प्वाइंट का नजारा नहीं देखा तो समझो कुछ भी नहीं देखा। स्थानीय लोग बताते हैं कि टाइगर प्वाइंट पर शेर पानी पीने आते थे। फिश प्वाइंट पर विभिन्न प्रजाति की मछलियां देख सकते हैं। मेहता प्वाइंट पर सूर्योदय व सूर्यास्त का नजारा हमेशा के लिए जेहन में बस जाएगा। यहां ‘दलदली’ में स्पंजी जमीन प्रकृति के और करीब ले जाती है। मैनपाट पहुंचने वाले सैलानी इस स्थल पर उछल-कूद कर भरपूर मजा लेते हैं।
इस जगह जमीन बिना भूकंप की हिलती है. यहां पर जब खड़े होंगे तो लगेगा कि जमीन पर नहीं बल्कि किसी सोफे पर खड़े हैं. कुदरत के इस विचित्र नज़ारे को देखने के लिए बहुत दूर-दूर से लोग यहां आते हैं.
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