बिलासपुर ।  एक बार सिम्स की बदइंतजामी ने एक अधेड़ की जान ले ली, हार्ट अटैक आने के बाद भी आपातकालीन में उसकी जांच नहीं की गई। उसे यह कहा दिया गया कि ओपीडी शुरू होने वाली है, डाक्टर को दिखा देना, वही इलाज करेंगे, लेकिन इससे पहले ओपीडी पर्ची कटवा लेना।


इधर हार्ट पेन से कहराते हुए अधेड़ को सवा घंटे तक इधर उधर घूमना पड़ा और अंत में उसकी मौत हो गई। जबकि सिम्स में गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन और ट्राइएज यूनिट का संचालन किया जा रहा है, जहां गंभीर मरीजों का इलाज किया जाना होता है, लेकिन इस मामले में इलाज मिलना तो दूर की बात है, उसे पर्ची कटवाने के नाम से घुमाया जाता रहा और अंत में उसकी मौत हो गई, यदि समय पर अधेड़ को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। यह मामला सिम्स की बदहाल चिकित्सकीय व्यवस्था को उजागर करता है।

तालापारा में रहने वाले 59 वर्षीय शमसाद हुसैन पिता मोहम्मद हुसैन को शुक्रवार की सुबह से ही सीने में दर्द उठने लगा और दर्द धीरे-धीरे बढ़ने लगा और उसे पसीना आने के साथ ही घबराहट भी होने लगा। तब उसने अपने बेटे को कहा कि तबीयत ठीक नहीं लग रही है, अस्पताल चलते है, ऐसे में सुबह आठ बजे वे सिम्स पहुंचे और सीधे आपातकालीन में पहुंच गए, जहां पर जुनियर डाक्टर ड्यूटी में थे, तब शमसाद हुसैन ने बताया कि सीने में सुबह से ही दर्द उठ रहा है और बेचैनी लगने के साथ पसीना भी निकल रहा है,
जो हार्ट अटैक के लक्षण थे, लेकिन मौजूद स्टाफ ने उनकी जांच करना भी सही नहीं समझा और यह कह दिया गया कि एमआरडी (मेडीकल रिकार्ड डिपार्टमेंट) में जाओ और वहां से ओपीडी पर्ची कटवा लेना, सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू होगा तो डाक्टर को दिखाना, वही जांच करेंगे। यह बात सुनकर शमसाद हुसैन अपने बेटे के साथ एमआरडी में आया, उस समय भी उसके सीने में दर्द उठ रहा था, उसके बाद लाइन में खड़े होकर उसने इसी हालत में ओपीडी पर्ची कटवाई। इसके बाद तीसरे तक में स्थित ओपीडी में पहुंचकर डाक्टर का आने का इंतजार करने लगा।
सुबह नौ बजे जब डाक्टर ने उसकी जांच करने के बाद फौरन ईसीजी कराने को कहा। तब वह अपने बेटे के साथ ईसीजी कराने के लिए पहुंच गया, ईसीजी कक्ष में बताया गया कि जांच कराने के लिए पहले 50 रूपये की पर्ची कटवानी पड़ेगी, तब उसने कहा कि आप ईसीजी करे, मेरा बेटा पर्ची कटवाकर ला रहा है, लेकिन कर्मी नहीं माने और पर्ची कटवाने की बात कही। ऐसे में फिर से शमसाद को एमआरडी सेक्शन में आना पड़ा और पर्ची कटवाने लाइन में लग गया। सुबह तकरीबन नौ बजकर 10 मिनट में उसका हार्ट पैन और भी बढ़ गया और वे नीचे गिर गए, इसके बाद उसने बेटे को पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़े होने की बात कही, जिसके कुछ देर बाद दर्द इतना अधिक बढ़ गया कि वे फर्श में ही लेट गए। तब उसकी हालत को देखकर एमआरडी कर्मी बाहर आए और विलचेयर मंगाकर उसे आपातकालीन में लेकर गए और ईसीजी करने को कहा, ईसीजी किया ही जा रहा था, उसी दौरान हार्ट ने काम करना बंद कर दिया और उसकी मौत हो गई।

इस मौत ने सिम्स की चिकित्सकीय बदइंतजामी को उजागर किया है, क्योंकि मृतक बार-बार बोल रहा था कि हार्ट पैन हो रहा है और वह धीरे-धीरे बढ़ रहा है, मुझे तत्काल इलाज की आवश्यकता है, लेकिन डाक्टरों ने उसकी एक न सुनी और उसे इधर-उधर घुमाते रहे, जबकि समय रहते है, यदि उन्हें इलाज मिल जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सिम्स की बदइंतजामी का शिकार होते हुए इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31